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जालंधर ग्रामीण पुलिस के सी.आई.ए. स्टाफ ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने नकोदर-मलसियां रोड से एक ड्रग तस्कर को 125 ग्राम हेरोइन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी हाल ही में 14 साल की सजा काटकर जेल से बाहर आया था और फिर से नशा तस्करी के काले धंधे में शामिल हो गया था। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालंधर ग्रामीण, स. हरविंदर सिंह विर्क ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सफलता एसपी (जांच) विनीत अहलावत और डीएसपी (जांच) लखविंदर सिंह की देखरेख में सी.आई.ए. प्रभारी इंस्पेक्टर पुष्प बाली की टीम को मिली है। पुलिस टीम 28 जुलाई को नकोदर-मलसियां रोड पर संधू ढाबे के पास गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान पुलिस को देखकर एक व्यक्ति ने घबराकर भागने की कोशिश की। संदेह होने पर पुलिस कर्मियों ने उसे थोड़ी दूरी पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 125 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह उर्फ पाला (उम्र 45 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, धर्मकोट (जिला मोगा) के रूप में हुई है। आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में थाना सिटी नकोदर में आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(B), 61 और 85 के तहत एफ.आई.आर. संख्या 130 दर्ज की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले ट्रक ड्राइवर था और खुद भी नशे का आदी है। वर्ष 2010 में जम्मू के कठुआ में उसके पास से 300 किलो पोस्त भूसी बरामद हुई थी, जिसमें उसे सजा हुई थी। वह लगभग 14 साल जेल में बिताने के बाद करीब एक महीने पहले ही बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से तस्करी शुरू कर दी। वह तरनतारन जिले से हेरोइन खरीदकर नकोदर और जालंधर के इलाकों में सप्लाई करता था। इसके अलावा मोगा में भी उस पर पहले से नशा तस्करी का मामला दर्ज है। एसएसपी विर्क ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि वह हेरोइन किससे खरीदता था और किसे बेचने जा रहा था। इसके अलावा आरोपी द्वारा नशे के धंधे से बनाई गई संपत्ति की भी जांच की जा रही है, जिसे कानून के तहत जब्त किया जाएगा।
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जालंधर में 125 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ तस्कर:14 साल जेल काटने के बाद फिर शुरू किया था नशा तस्करी का धंधा
