![]()
ब्रिटेन में अमेरिकी वायुसेना के इस्तेमाल वाले एयरबेस के पास आतंकी साजिश की आशंका में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को रविवार तड़के एयरबेस की ओर जा रही 3 संदिग्ध गाड़ियों की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया और आसपास के गांव में 85 घर खाली कराए गए। यह एयरबेस इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड के नाम से जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों पर आतंकी हमला करने की तैयारी और विस्फोटक से जुड़े अपराधों का शक है। रविवार शाम तक पांचों पुलिस की हिरासत में थे। अमेरिकी वायुसेना मार्च से RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने के लिए कर रही है। हाल के दिनों में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने यहां से ईरान के खिलाफ हमलों के लिए उड़ान भरी थी। स्थानीय महिला ने पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी BBC के मुताबिक, एक स्थानीय महिला ने रविवार तड़के एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को सूचना दी थी। महिला ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि उसने पहले रक्षा मंत्रालय की पुलिस को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने आपातकालीन नंबर 999 पर कॉल किया। महिला के मुताबिक, उसने तीन वैन खड़ी देखी थीं। वहां कुछ लोग मास्क पहने हुए थे। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सेना ने रोबोट से वैन की जांच कराई AP की रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद सेना की बम निरोधक टीम ने रोबोट की मदद से तीनों वैन की जांच की। सोमवार सुबह तक ग्रामीणों को घर लौटने की अनुमति नहीं मिली थी और वैन को भी वहां से हटाया नहीं गया था। अमेरिकी वायुसेना ने कहा कि RAF फेयरफोर्ड पर तैनात उसके कर्मचारी सतर्क हैं। हालांकि, उसने सुरक्षा कारणों से सुरक्षा व्यवस्था के विशेष तरीकों की जानकारी देने से इनकार कर दिया। लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी ब्रिटेन में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी। ईरान के खिलाफ हमलों में इस्तेमाल होता है एयरबेस RAF फेयरफोर्ड ब्रिटेन का एयरबेस है, जिसका संचालन अमेरिकी वायुसेना करती है। यह लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में है। मध्य पूर्व में कई दशकों से चल रहे सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी सेना ने इसका इस्तेमाल किया है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग शुरू होने के बाद इस एयरबेस की भूमिका फिर बढ़ गई। अमेरिकी B-1 और B-52 बमवर्षक विमानों ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए यहां से उड़ान भरी है। ब्रिटेन ने शुरुआत में ईरान पर हमले करने के लिए अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की ट्रम्प की मांग ठुकरा दी थी। हालांकि, मार्च में तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान की मिसाइलों और उनके लॉन्च ठिकानों के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई के लिए अमेरिकी सेना को ब्रिटिश एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। यह फैसला ईरान की ओर से ब्रिटेन के हितों और खाड़ी क्षेत्र में उसके सहयोगियों पर हमलों के बाद लिया गया था। ईरान पहले कह चुका है कि उसके क्षेत्र पर हमले के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य अड्डा उसके लिए वैध निशाना है।
Source link
ब्रिटेन में अमेरिकी एयरबेस के पास आतंकी साजिश का शक:5 गिरफ्तार, 85 घर खाली कराए; ईरान पर हमलों में इस्तेमाल होता है बेस
