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जींद बिजली निगम का लाइनमैन ₹5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:ट्रांसफार्मर बदलने के लिए मांगी थी रकम; कर्मचारी संघ बोला-JE को गलत फंसाया जा रहा




जींद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने खेत का जला हुआ बिजली ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में 5 हजार रुपए रिश्वत लेते बिजली निगम के लाइनमैन को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई शनिवार को देर शाम की गई। आरोपी की पहचान उचाना खुर्द निवासी बलजीत सिंह के रूप में हुई है। ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया गया कि उचाना खुर्द निवासी सुशील कुमार के खेत का बिजली ट्रांसफार्मर जल गया था। शिकायत के अनुसार, ट्रांसफार्मर बदलने के लिए बिजली निगम में तैनात लाइनमैन बलजीत सिंह ने सुशील कुमार से 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी और कहा कि ये रकम जेई को देनी है। इसके बाद सुशील कुमार ने मामले की शिकायत ACB को दी। 500-500 के दस नोट दिए शिकायत मिलने के बाद ACB निरीक्षक महेंद्र के नेतृत्व में टीम गठित की गई। कार्रवाई के लिए मार्केट कमेटी सचिव विनोद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। ACB ने शिकायतकर्ता को 500-500 रुपए के 10 नोट दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लाइनमैन बलजीत को रिश्वत की रकम लेने के लिए अपने खेत में बुलाया। खेत में रकम लेते ही दबोचा शिकायतकर्ता ने जैसे ही लाइनमैन को 5 हजार रुपए दिए, इशारा मिलते ही ACB की टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए। पुलिस के अनुसार हाथों का रंग लाल हो गया। इसके बाद टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की। केस दर्ज, पूछताछ जारी ACB निरीक्षक महेंद्र ने बताया कि खेत में जले बिजली ट्रांसफार्मर को बदलने के बदले 5 हजार रुपए रिश्वत लेते लाइनमैन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। सर्व कर्मचारी संघ ने जताया रोष वहीं इस मामले में जींद के सर्व कर्मचारी संघ के सदस्या संजीव ढांडा ने कहा कि लाइनमैन द्वारा पैसे लेने का मामला संज्ञान में आया है, लेकिन इसमें जेई को भी गलत तरीके से फंसाए जाने की आशंका है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ढांडा ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ जबरदस्ती कार्रवाई की गई तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी हड़ताल और ब्लैकआउट जैसे कदम उठा सकते हैं। बोले- जेई को उपभोक्ता द्वारा झूठा फंसाया जा रहा ऑडियो के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई ऑडियो सुनी है। उनका आरोप है कि जेई को उपभोक्ता द्वारा झूठा फंसाया जा रहा है। ढांडा ने कहा कि रिश्वत लेने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन ऐसे मामलों में कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा।



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