![]()
पूर्णिया में जेपी सेनानी प्रेमचंद महतो के निधन पर शनिवार दोपहर शोक सभा का आयोजन किया गया। बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पेंशन मांग पर मौन रहने की जानकारी मिलने के बाद उनकी हृदय गति रुक गई थी। यह घटना मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को हुई। बनमनखी के तिलक रामपुर निवासी स्वर्गीय प्रेमचंद महतो को यह जानकारी मिली थी कि सदर विधायक विजय खेमका ने भूमिगत जेपी सेनानियों को पेंशन देने की मांग सदन में उठाई थी। हालांकि, जब उन्हें पता चला कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो अचानक उनकी हृदय गति रुक गई और उनका निधन हो गया। पूर्णिया जिले के समाहरणालय परिसर स्थित मुख्तार खान में यह शोक सभा आयोजित की गई। पूर्णिया के वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक ने बताया कि प्रेमचंद महतो पेंशन के इंतजार में ही दुनिया छोड़ गए। मानसून सत्र समाप्त होने के बाद शनिवार को यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम पूर्णिया जिला जेपी सेनानी विचार मंच के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक के नेतृत्व में पूर्णिया विधायक विजय खेमका द्वारा निर्मित सभागार में संपन्न हुआ। शोक सभा में दिलीप अम्बस्ट, सुखदेव मंडल, घनश्याम चौधरी, रामानंद गुप्ता, बाबू साहेब सिंह, मुकेश मिश्रा, गौतम वर्मा और मनोज सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।
Source link
जेपी सेनानी प्रेमचंद महतो का निधन:जेपी सेनानी विचार मंच ने दी श्रद्धांजलि, भूमिगत सेनानियों की पेंशन की मांग दोहराई
