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झज्जर झाड़ली डाकघर में पैसों के हेरफेर का शक गहराया:45 शिकायतें पहुंचीं, 760 खातों की हो रही छानबीन,गांव में मचा हड़कंप, आज गांव में पंचायत




झज्जर जिले के झाड़ली डाकघर में खाताधारकों के साथ कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। अब तक 45 ग्रामीण पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा चुके हैं, जबकि डाक विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार यहां करीब 760 खाते संचालित हैं। विभाग ने सभी खातों की जांच शुरू कर दी है और दो कर्मचारियों के खिलाफ साल्हावास थाने में मामला दर्ज कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बचत खाता, आरपीएलआई, सुकन्या समृद्धि और अन्य योजनाओं में जमा की गई रकम के बावजूद उन्हें न तो रसीद दी गई और न ही पासबुक में एंट्री दर्ज की गई। कई लोग पिछले तीन साल से लगातार डाकघर के चक्कर काट रहे हैं। 5 हजार की आबादी, 80 प्रतिशत लोगों के खाते डाकघर में झाड़ली गांव की आबादी लगभग 5 हजार है, जिसमें से करीब 80 प्रतिशत लोगों के खाते डाकघर में खुले हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुविधा के लिए डाकघर स्थापित किया गया था, जहां लोग आरपीएलआई, एफडी, सुकन्या समृद्धि और सेविंग अकाउंट जैसी योजनाओं में पैसा जमा करते रहे। अब जब गड़बड़ी की बात सामने आई है तो बड़ी संख्या में लोग अपने पैसों की स्थिति को लेकर परेशान हैं। हर महीने जमा होती रही किस्त, लेकिन रसीद गायब सतबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने अगस्त 2023 में आरपीएलआई पॉलिसी शुरू की थी और हर महीने 1500 रुपये जमा कराते रहे। उनके अनुसार एक निजी कर्मचारी भूपेंद्र सिंह यह किस्त जमा करवाता था, लेकिन उन्हें कभी रसीद नहीं दी गई। सतबीर के बेटे अजय कुमार ने भी यही आरोप दोहराते हुए कहा कि लगातार पैसे जमा होते रहे, लेकिन न तो पासबुक अपडेट हुई और न ही कोई लिखित प्रमाण मिला। परिवार लंबे समय से डाकघर के चक्कर लगा रहा है। 10 लाख जमा, लेकिन खाते से निकासी के मैसेज से बढ़ा शक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को अपने सेविंग खाते में 10 लाख रुपये जमा कराए थे, जिसे एफडी में बदलने के लिए दिया गया था। लेकिन 9 मई को 6 लाख और 16 मई को 4 लाख रुपये निकासी के मैसेज उनके मोबाइल पर आ गए। जब उन्होंने पासबुक की जांच की तो उसमें इन लेन-देन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया। एफडी और नकद लेन-देन पर भी सवाल कुलदीप, पुत्र ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने 5 लाख रुपये की एफडी कराई थी, लेकिन पासबुक में कोई एंट्री नहीं है। वहीं रोशनी देवी ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2 लाख रुपये नकद एफडी के लिए दिए थे, लेकिन न तो रसीद मिली और न ही कोई दस्तावेज दिया गया। इन मामलों के सामने आने के बाद ग्रामीण अपने-अपने खातों की जांच में जुट गए हैं। डाकघर पर नोटिस, कर्मचारियों को हटाने से बढ़ी चिंता ग्रामीणों के अनुसार डाकघर पर पिछले 14 दिनों से एक नोटिस लगा हुआ है, जिसमें लिखा है कि देवेन्द्र सरकारी कर्मचारी था और भूपेंद्र प्राइवेट कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। दोनों को डाकघर से हटा दिया गया है। इसके बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सभी खातों की जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है, हालांकि इसकी वास्तविक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। डाक विभाग की जांच में 45 शिकायतें दर्ज झज्जर डाक विभाग के इंस्पेक्टर मिलन देशवाल ने बताया कि अब तक 45 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। झाड़ली डाकघर में कुल 760 खातों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर साल्हावास थाने में शिकायत दी गई है और पूरे रिकॉर्ड की गहन जांच चल रही है। पुलिस जांच में दस्तावेजों का इंतजार साल्हावास थाना प्रभारी बलराज ने कहा कि डाकघर की ओर से शिकायत मिली है और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल शिकायतकर्ताओं की ओर से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जैसे ही सबूत मिलेंगे, जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। आज गांव में पंचायत, फैसले पर टिकी नजर इस पूरे मामले को लेकर 18 अगस्त यानि आज झाड़ली गांव में पंचायत बुलाई गई है। इसमें ग्रामीण अपने-अपने आरोप, खातों की स्थिति और जमा रकम को लेकर चर्चा करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिन लोगों की रकम फंसी है, उन्हें उनका पैसा वापस दिलाया जाए। अब सबकी नजर इस पंचायत पर है, जहां आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।



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