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झांसी के इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित रामेश्वरम बैंक्वेट में गुरुवार शाम 7 बजे गौ महिमा और गुरु तत्व महिमा पर आधारित तीन दिवसीय संत समागम की शुरुआत हुई। समागम में देश के अलग-अलग हिस्सों से संत और पीठेश्वर पहुंचे। संतों ने मंच से गाय के धार्मिक महत्व और गौ सेवा की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जब सरकार राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर सकती है और कश्मीर से धारा 370 हटा सकती है तो गाय को माता घोषित करने के लिए भी सरकार से मांग की जानी चाहिए। समागम का आयोजन बहुजन समाज पार्टी की पूर्व नेत्री और समाजसेवी डॉ. अनुराधा शर्मा की ओर से 1 से 3 अक्टूबर तक कराया जा रहा है। पहले दिन हरिद्वार से अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक चिन्मयानंद बापू, वरिष्ठ मंडलेश्वर जगतगुरु स्वामी यतींद्रानंद गिरी जूना अखाड़ा, अग्र मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र देवाचार्य, वृंदावन के गौरी लाल कुंज के महंत किशोरी दास देव जी महाराज, अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत गौरी शंकर दास महाराज, फ्लाइट बाबा, श्री कृष्णायन देसी गौ रक्षा शाला के अध्यक्ष महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज, शुद्धानंद गिरी महाराज, ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती और हनुमानगढ़ी अयोध्या के पुजारी गॉवट्स चंद्रमा दास महाराज पहुंचे। संत बोले- गौ सेवा के लिए आवाज उठानी होगी
संतों ने कहा कि सनातन धर्म में गाय का विशेष महत्व है। इसके बावजूद आए दिन गायों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में गौ संरक्षण और गौ सेवा के लिए समाज को आगे आकर आवाज उठानी होगी। संतों ने समागम में आए लोगों से गायों की सेवा और संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। बोले- सरकार सेक्युलर है, गलतफहमी में न रहें समागम में संतों ने कहा कि मौजूदा सरकार ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया और कश्मीर से धारा 370 हटाने का काम किया है। लेकिन इसे लेकर यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि सरकार सनातनी है। सरकार सेक्युलर होती है। संतों ने कहा कि वर्तमान समय गौ संरक्षण की मांग को मजबूती से उठाने के लिए अनुकूल है। इसके लिए लोगों को थोड़ा जोर लगाने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जरूरत है। 3 अक्टूबर तक चलेगा समागम गौ महिमा और गुरु तत्व महिमा पर आधारित संत समागम 1 से 3 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग स्थानों से आने वाले संत गौ सेवा, संरक्षण और सनातन परंपराओं से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
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झांसी में गौ संरक्षण के लिए देशभर से पहुंचे संत:बोले-सरकार तो सेक्युलर होती हैं, पर अभी आवाज उठाने का सही समय है
