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झाबुआ में सोमवार को ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ के तहत संत समाज, गोसेवकों, युवाओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर देशभर में गो-संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई। देखिए 3 तस्वीरें… केंद्रीय कानून और मंत्रालय की मांग ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद-48 के तहत केंद्रीय गोसेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही स्वतंत्र केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय और गो-संरक्षण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का भी आग्रह किया गया। ज्ञापन में देशी गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही गो-तस्करी और गो-वध को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध घोषित कर दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क करने जैसे कड़े प्रावधान लागू करने की मांग भी रखी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गोशालाओं पर जोर अभियान से जुड़े लोगों ने पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, स्कूलों के मिड-डे मील और मंदिरों के प्रसाद में देशी गो-घृत एवं दुग्ध के उपयोग को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला, जिला स्तर पर गो-अभ्यारण्य तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर गो-वाहिनी एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की भी मांग की गई। गोचर भूमि संरक्षण की भी उठी मांग ज्ञापन में चारे के अवैध भंडारण और औद्योगिक उपयोग पर रोक लगाने तथा गोचर और ओरण भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी शामिल रही। रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गोवंश केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इस दौरान प्रतिभागियों ने गो-संरक्षण के समर्थन में नारे भी लगाए।
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झाबुआ में गोसम्मान आह्वान अभियान रैली:प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, गो-संरक्षण कानून की मांग
