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मऊगंज जिला मुख्यालय पर रविवार को शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन का जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सालों से सेवा दे रहे गुरुजनों को अब अयोग्य बताकर TET परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनकी वाजिब मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को एक ज्ञापन भी सौंपा। बढ़ैया हाई स्कूल की प्रभारी प्राचार्य डॉ. विवा मिश्रा ने कहा कि शिक्षक सालों से सरकारी योजनाओं और स्कूलों को संभाल रहे हैं, लेकिन अब अचानक नया नियम लाकर उनकी योग्यता पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अगला कदम स्कूलों में तालाबंदी होगा और सभी शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक परीक्षा से नहीं भाग रहे, लेकिन जब नियुक्ति हुई थी तब के नियमों के हिसाब से उन्हें अधिकार भी मिलने चाहिए। 13 सितंबर से चल रही ‘न्याय यात्रा’ हायर सेकेंडरी स्कूल खटखरी के शिक्षक महेश कुमार पांडे ने बताया कि 13 सितंबर से शिक्षकों की ‘न्याय यात्रा’ जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक अपने निजी मोबाइल और इंटरनेट डेटा से ई-अटेंडेंस लगाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। सरकार को इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आरबी सिंह ने कहा कि ऑनलाइन अटेंडेंस को वेतन से जोड़ने की वजह से शिक्षक काफी दबाव में हैं। मांगें पूरी न होने पर भोपाल में अनशन की चेतावनी शिक्षक संघर्ष समिति के ज्ञापन में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं। TET परीक्षा से छूट दी जाए। पहली नियुक्ति की तारीख से ही वरिष्ठता और सेवा अवधि की गिनती की जाए। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म कर इसे वैकल्पिक बनाया जाए। रुकी हुई पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया फिर से शुरू हो। शिक्षक नेताओं ने कहा कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो 1 अक्टूबर से भोपाल में आमरण अनशन और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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टीचर्स बोले- सालों सेवा के बाद अयोग्य ठहरा रहे:TET परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन, मऊगंज में स्कूल बंद करने की दी चेतावनी
