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करनाल की असंध नगरपालिका में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हरियाणा राज्यपाल असीम कुमार घोष के आदेश पर नगरपालिका सचिव प्रदीप जैन और अभियंता जयदेव शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला निर्धारित किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, असंध में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले खेल स्टेडियम के टेंडर में खामियां पाई गईं। इसके अलावा दशमेश और शांति कॉलोनी में करीब 7 करोड़ रुपए के टेंडर होने के बावजूद कार्यों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के ट्विटर (X) हैंडल सहित सहित अन्य माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद सरकार ने जांच कर कार्रवाई की। किसी रोजगार या व्यवसाय में शामिल नहीं होंगे जारी आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों को निलंबन के पहले 6 महीनों तक अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यदि निलंबन अवधि छह महीने से अधिक होती है तो भत्ते की दर पर पुनर्विचार किया जाएगा। यह भुगतान इस शर्त पर होगा कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं होंगे। मुख्यालय से बाहर जाने पर रोक निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा, पंचकूला में रहेगा। बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे। उनका निर्वाह भत्ता असंध नगर समिति कार्यालय, जिला करनाल से जारी किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने लगाए थे गंभीर आरोप स्थानीय लोगों का आरोप था कि नगरपालिका सचिव प्रदीप जैन और अभियंता जयदेव शर्मा विकास कार्य समय पर नहीं करा रहे थे और आम जनता से उनका व्यवहार भी संतोषजनक नहीं था। इससे पहले नपा जेई उमेश शर्मा का भी तबादला किया जा चुका है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
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टेंडर गड़बड़ी के आरोप में करनाल के 2 अफसर सस्पेंड:खेल स्टेडियम और कॉलोनियों के कामों में मिली कमी; स्थानीय लोगों ने उठाया था मुद्दा
