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हरियाणा के चरखी दादरी निवासी सेना के जवान रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद हो गए। मंगलवार सुबह रवि ग्राउंड में फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे, इस दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। रवि ने 2015 में मद्रास इंजीनियरिंग रेजिमेंट जॉइन की थी। उनकी ड्यूटी कश्मीर में चल रही थी, हालांकि कुछ दिनों से वे ट्रेनिंग के सिलसिले में बेंगलुरु में ही थे। रवि के परिवार में उनकी पत्नी और 8 वर्षीय बेटा है। रवि कासनी गांव के रहने वाले थे। सेना की ओर से शव यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2015 में भारतीय सेना में हुआ था चयन रवि प्रकाश 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अब उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि करीब 2 माह पहले रवि घर से ड्यूटी पर गया था। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहा था। आज सुबह पीटी के दौरान हार्ट फेल होने से निधन हो गया। 8 साल का बेटा, पत्नी होममेकर रविप्रकाश का बेटा देव 8 साल है। पत्नी सुनीता होममेकर हैं। पिता खेतीबाड़ी करते हैं जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। बड़ा भाई दिनेश भी खेती बाड़ी करता है। इसकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं। कल VIDEO कॉल पर बात हुई पिता का कहना है कि रवि की ट्रेनिंग का आज लास्ट दिन था। कल रात उसने वीडियो कॉल पर पत्नी, बेटे से बात की थी। बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि अब हवलदार बन जाऊंगा। हवलदार बनने के बाद वापस घर लौटना है। ट्रेनिंग सेंटर से मैसेज आया है, कागजी कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बुलाया है।
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ट्रेनिंग के आखिरी दिन हरियाणवी जवान बेंगलुरु में शहीद:फिजिकल एक्टिविटी के दौरान तबीयत बिगड़ी; VIDEO कॉल पर कहा था- अब हवलदार बनकर घर आऊंगा
