डिजिटल लाइब्रेरी का हो रहा उपयोग:गुरुकुल… वेद-पुराण, यज्ञ विधि की शिक्षा में एआई की एंट्री




समय के साथ शहर के गुरुकुल भी अपडेट हो गए हैं। यहां बटुक (छात्र) सिर्फ वैदिक मंत्रोच्चार, श्लोक और यज्ञ-विधि की पारंपरिक शिक्षा ही नहीं ले रहे। इसमें आधुनिक तकनीकों को भी जोड़ा जा रहा है। अब पारंपरिक पोथियों और ग्रंथों के साथ कंप्यूटर, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी वैदिक शिक्षा के नए सहायक हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट… संस्कृत कॉलेज : एआई से बना रहे प्रोजेक्ट
रामबाग स्थित 200 साल पुराने सरकारी संस्कृत कॉलेज में एक हजार विद्यार्थी हैं। इनमें 70 से अधिक कर्मकांड पढ़ रहे हैं, 30 बच्चे वेद, कर्मकांड, ज्योतिष, वास्तु सीख रहे हैं। प्राचार्य डॉ. विमला गोयल और आचार्य गोपाल दास बैरागी ने बताया। विद्यार्थी प्रोजेक्ट में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। हजारों ग्रंथ ऑनलाइन हैं, डिजिटल लाइब्रेरी का उपयोग भी हो रहा है। विद्याधाम : यूरोप में कर्मकांड कर रहे यहां के विद्यार्थी
विद्याधाम की गिरिजानंद सरस्वती विद्यापीठ में बटुकों को वेद अध्ययन के साथ यज्ञ-क्रिया, पूजन-विधि और कर्मकांड का प्रशिक्षण दिया जाता है। पं. दिनेश शर्मा बताते हैं कि बच्चों को एआई, कम्प्यूटर के साथ अंग्रेजी भी सिखाई जा रही है। यहां के 4-5 छात्र यूरोप में कर्मकांड कर रहे हैं। कुछ भारतीय सेना में ‘धर्मगुरु’ पद पर हैं। कई ने पीएचडी की है। वीर अलीजा मंदिर: परंपरा और तकनीक का संगम- यहां ओंकारानंद विद्यापीठ में विद्यार्थी शुक्लयजुर्वेद, माध्यान्दिनी शाखा, कर्मकांड, व्याकरण और ज्योतिष की शिक्षा ले रहे हैं। पवनानंद महाराज के मार्गदर्शन में आचार्य शिवम जोशी वैदिक गुरुकुल पद्धति में एआई के समन्वय से बटुकों को पढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं, एआई से शोध आसान है। छत्रीबाग: वैष्णव परंपरा में भी डिजिटल ज्ञान छत्रीबाग स्थित लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में विद्यार्थी रामानुज संप्रदाय की परंपरा में वेद, यज्ञ-विधि और मंत्रोच्चारण सीख रहे हैं। वे संस्कृत साहित्य और कुश-पुराण जैसे ग्रंथों का अध्ययन भी कर रहे हैं। स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के मार्गदर्शन में आचार्य मनोहर शर्मा और मुकेश शर्मा बटुकों को ब्रह्मचर्य और तप के पालन की शिक्षा देते हैं। वे अनुशासित जीवन जीने की शिक्षा भी देते हैं। कर्मकांड और ज्योतिष में इंटरनेट और एआई का इस्तेमाल सिखाया जा रहा है। श्लोकों के सही उच्चारण के लिए भी एआई का उपयोग किया जा रहा है।



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