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सिटी रिपोर्टर | बोकारो स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 में सोमवार को कक्षा 3 से 5वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘भारत की विस्मृत वीरांगनाएं’ विषय पर इंटर-हाउस स्किट प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन की उन वीरांगनाओं की गाथाओं से विद्यार्थियों को परिचित कराना था, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित पहचान नहीं मिल सकी। प्रतियोगिता में चारों हाउस के विद्यार्थियों ने अलग-अलग वीरांगनाओं के जीवन, संघर्ष और बलिदान को मंच पर जीवंत किया। दयानंद हाउस ने 1857 के विद्रोह की वीरांगना झलकारी बाई के साहस, स्वामीभक्ति और त्याग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। बिरजानंद हाउस ने असम की वीरांगना कनकलता बरुआ की वीरता और राष्ट्र के लिए दिए सर्वोच्च बलिदान की कहानी दिखाई। श्रद्धानंद हाउस ने झारखंड की वीरांगनाओं फूलो-झानो की शौर्यगाथा प्रस्तुत की। नाटक में ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष और छापामार युद्ध को दर्शाया गया। वहीं विवेकानंद हाउस ने धरमन बीबी के साहस और त्याग को केंद्र में रखते हुए 1857 के क्रांतिकारी वीर कुंवर सिंह के जीवन की रक्षा के लिए उनके बलिदान को मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडली में आशा, राजेश्वरी और प्रियंका ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। परिणाम में श्रद्धानंद हाउस प्रथम, दयानंद हाउस द्वितीय, विवेकानंद हाउस तृतीय और बिरजानंद हाउस चतुर्थ रहा। प्राचार्य एसके मिश्रा ने शुभकामनाएं दी।
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डीएवी-4 में देश की विस्मृत वीरांगनाएं बनीं छात्राएं, श्रद्धानंद हाउस बने विजेता
