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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेज मंगलवार से नए शैक्षणिक सत्र के लिए खुल रहे हैं। हजारों छात्र पहली बार विश्वविद्यालय जीवन की शुरुआत करेंगे। इस बार नए छात्रों के स्वागत के साथ रैगिंग रोकने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा और जागरूकता की व्यापक तैयारी की है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र बिना किसी डर के सुरक्षित और सकारात्मक माहौल में अपनी पढ़ाई शुरू कर सके। डीयू और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के तहत सभी कॉलेजों में एंटी-रैगिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। श्री अरबिंदो कॉलेज समेत कई संस्थानों में विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं, जो पहले एक महीने तक कैंपस, प्रवेश द्वार, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित गश्त करेंगे। किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौखिक टिप्पणी, मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार या किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को रैगिंग माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रैगिंग रोकने के साथ-साथ कॉलेजों ने फ्रेशर्स को सहज माहौल देने पर भी जोर दिया है। विभागवार ओरिएंटेशन कार्यक्रमों में छात्रों को पाठ्यक्रम, क्रेडिट सिस्टम, लाइब्रेरी, छात्र सोसायटी, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, वाद-विवाद, शॉर्ट फिल्म, फोटोग्राफी और रील मेकिंग जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। कई कॉलेजों में सेल्फी कॉर्नर भी बनाए गए हैं। श्री अरबिंदो कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी ने कहा कि कॉलेज केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहां हर छात्र को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रैगिंग के प्रति कॉलेज की जीरो टॉलरेंस नीति है और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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डीयू में नए सत्र की शुरुआत आज से:रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस; महीनेभर विशेष निगरानी
