Headlines

तीन सीईओ ने बताए करियर के वित्तीय पछतावे, पढ़िए सीख:पैसों को अनुभव से ऊपर न रखें; समय पर रिस्क लें, खुद को तराशते रहें




दुनिया के जाने-माने तीन सीईओ ने अपने करियर के ऐसे आर्थिक फैसलों का जिक्र किया है, जिनका उन्हें आज भी मलाल है। किसी ने अपनी कंपनी को जरूरत से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाया, तो किसी ने बिना सोचे-समझे मार्केटिंग पर पानी की तरह पैसा बहाया। वहीं कुछ का मानना है कि उन्होंने सही समय पर सही जगह निवेश करने या मौका भुनाने का अवसर गंवा दिया। इन दिग्गजों के ये अनुभव बताते हैं कि करियर और कारोबार की शुरुआत में लिए गए फैसले लंबे समय तक हमारी सफलता और आर्थिक स्थिति को गहराई से प्रभावित करते हैं। एमी वॉकर(फोरबेसबायो पीएलसी)-‘स्कूल में फाइनेंस की पढ़ाई नहीं, नुकसान बाद में समझ आया’ स्कूल और कॉलेज के दिनों में निवेश, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस सिखाने वाला कोई पाठ्यक्रम नहीं था। समय पर वित्तीय समझ न होने के कारण वे लंबे समय की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और वेल्थ क्रिएशन से जुड़े सही फैसले तुरंत नहीं ले पाईं। इसलिए जितनी जल्दी वित्तीय शिक्षा मिले, उतना ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। मीनाक्षी लाला,अर्बनस्टेम्स(सीईओ) – ‘करियर की शुरुआत में जरूरत से ज्यादा संभलकर चलना बड़ी चूक’ करियर की शुरुआत में वे बहुत ज्यादा पैसे बचाने और जोखिम से बचने पर ध्यान देती रहीं। इस चक्कर में उन्होंने फ्रांस जाने का बेहतरीन मौका छोड़ दिया, जबकि नए अनुभवों का वह एक्सपोजर उनकी छोटी-मोटी बचत से कहीं ज्यादा कीमती था। इसलिए सही अवसर पर लिया गया सोच-समझकर जोखिम जिंदगी बदल सकता है। मैट नवारो(स्टेनली 1913) -‘कॉलेज में विदेश यात्रा या स्टडी का मौका मिला लेकिन छोड़ दिया’ करियर की शुरुआत में उन्होंने पैसों की बचत के चक्कर में विदेश जाकर पढ़ाई करने या घूमने का मौका गंवा दिया। अब उन्हें समझ आया है कि उस उम्र में दुनिया देखने से जो अनुभव और नजरिया मिलता है, वह बैंक बैलेंस से ज्यादा मूल्यवान होता है। वे मानते हैं कि करियर के शुरुआती वर्षों में अनुभव पर किया गया खर्च भी निवेश ही होता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *