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दमोह जिले की बटियागढ़ तहसील के सिमरी चिंता गांव के लोग सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए आज भी परेशान हैं। सिमरी चिंता से टेडा आम तक जाने वाला रास्ता बारिश होते ही कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। हालात इतने खराब हैं कि गांव में कोई बीमार पड़ जाए, तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है। वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बड़ी दिक्कत होती है। बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल सड़क की बदहाली का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। बच्चों को रोज घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश में फिसलने और चोट लगने का डर बना रहता है। दो किमी का रास्ता खराब ग्रामीण सरोज पटेल, सुंदर पटेल, शील रानी पटेल और कुसम रानी पटेल ने बताया कि फुटेरा कलां से सिमरी चिंता की दूरी सिर्फ दो किलोमीटर है। लेकिन सड़क की खराब हालत ने इस छोटी दूरी को ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना दिया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताने के लिए इसके वीडियो भी पोस्ट किया है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से सिमरी चिंता से टेंडा आम तक जाने वाले रास्ते का जल्द निर्माण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से आना-जाना आसान होगा और सभी को राहत मिलेगी। वैकल्पिक इंतजात कराएंगे एसडीएम निखत चौरसिया का कहना है, उन्हें इसके पहले मामले की जानकारी नहीं थी। अभी वैकल्पिक इंतजाम करवाए जाएंगे। बारिश के बाद सड़क निर्माण भी कराया जायेगा।
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दमोह के गांव में सड़क पर घुटनों तक कीचड़:बीमार खाट पर तो बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल, 2 किमी रास्ता बना दलदल
