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धर्मशाला दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के क्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा पर सरकारों को मिलकर काम करना होगा। दलाई लामा ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि क्षेत्र में बार-बार प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं किसी गहरे कारण की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन या अन्य संभावित कारणों की भूमिका की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए की प्रार्थना उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी आपदाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी आवश्यक और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। दलाई लामा ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए प्रार्थना भी की। मंडी जिला प्रशासन ने शुरू किया हेल्प डेस्क नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद मंडी जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया है। जिला प्रशासन ने जिले के उन लोगों के परिजनों से तत्काल सूचना देने की अपील की है, जो नेपाल में फंसे हुए हैं, लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी प्रियांशु खाती ने बताया कि परिजन बिना देरी किए जिला प्रशासन को सूचना दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लापता व्यक्ति की रिपोर्ट अपने नजदीकी उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में भी दर्ज करवाई जा सकती है। यह व्यवस्था जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से शुरू की गई है। अब तक 359 लोगों की मौत गौरतलब है कि बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है। 8 जिलों से शव मिले हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चितवन में 132 और पूर्वी नवलपरासी में 82 हैं। 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 288 भारतीय भी शामिल हैं।
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दलाईलामा बोले-प्राकृतिक आपदाएं रोकने को मिलकर करें काम:नेपाल-तिब्बत बाढ़ पर दुख जताया; कहा-जलवायु परिवर्तन के कारणों की हो जांच
