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कोविड के बाद अमेरिका समेत कई देशों में लोगों की रसोई सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं रही, बल्कि रेस्तरां जैसी डिश तैयार करने की हाई-टेक लैब बनती जा रही है। लोग नई रेसिपी सीखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि घरों में सेंट्रीफ्यूज, ड्राई-एजिंग फ्रिज, डीहाइड्रेटर, वैक्यूम सीलर और फर्मेंटेशन चैंबर जैसे प्रोफेशनल उपकरण लगा रहे हैं। अमेरिकी इंजीनियर ट्रैविस इवानागा ने तो अपने फ्लैट के आधे हिस्से को ऐसे ही किचन में बदल दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक महंगे रेस्तरां के बजाय लोग घर पर ही फाइन-डाइनिंग जैसा अनुभव तैयार करना चाहते हैं। इसलिए कंपनियां प्रोफेशनल किचन उपकरणों के घरेलू संस्करण बाजार में उतार रही हैं और यह शौक अब वैश्विक ट्रेंड बन चुका है। शेफ अब सिर्फ खाना नहीं, अपनी रेसिपी और सॉस भी बेच रहे अब लोग केवल स्वाद नहीं, बल्कि लजीज और शानदार खाने जैसा अनुभव भी घर में तैयार करना चाहते हैं। इसी वजह से कई नामी रेस्तरां और शेफ अपने रेस्तरां की सॉस, मसाले और दूसरी रेडी प्रोडक्ट बाजार में उतार रहे हैं, ताकि लोग घर पर वही स्वाद बना सकें। दक्षिण कोरिया के मिशेलिन शेफ, लंदन के रेस्तरां जिमखाना समेत कई अन्य शेफ इस ट्रेंड से जुड़े हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक घर की रसोई अब बल्कि नए प्रयोग और प्रीमियम कुकिंग का केंद्र बनती जा रही है। होम शेफ – भारत में घरों के किचन में भी बढ़ी प्रोफेशनल कुकिंग भारत में शहरी लोग अब घर पर रेस्तरां जैसी डिश बनाने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में होम शेफ डिनर, पॉप-अप और मील सब्सक्रिप्शन का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया ने नए प्रयोगों को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है। होम कुकिंग – बढ़ती लागत के बीच नई कुकिंग तकनीक सीख रहे अमेरिका में कोविड के बाद लोग घर में कुकिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 86% भोजन अब घरों में तैयार हो रहा है। महंगे रेस्तरां और बाहर खाने की बढ़ती लागत के बीच लोग नई कुकिंग तकनीकें सीख और घर की रसोई को बेहतर बना रहे हैं।
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दुनिया में बढ़ा होमशेफ कल्चर; रसोई बनी प्रयोगों की जगह:घरों में बन रहा रेस्तरां जैसा खाना, किचन बन रहे हाई-टेक लैब, स्वाद बदल रहा
