देवपहरी वाटरफॉल में 3 युवक टापू पर फंसे, रेस्क्यू जारी:कोरबा में नदी-नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी, आज भी बारिश का अलर्ट




छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन मानसून एक्टिव रहेगा। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश हुई। बस्तर संभाग के कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हुई, जबकि रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में भी कुछ जगह भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, कोरबा में सोमवार दोपहर से हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला का जलस्तर अचानक बढ़ गया। दादर नाला किनारे के घरों में पानी घुस गया। वहीं देवपहरी जलप्रपात में 3 युवक टापू पर फंस गए। तीनों का रेस्क्यू जारी है। तस्वीरें देखिए… रायपुर में 120 मिमी बारिश रायपुर सिटी में पिछले 24 घंटे में 4.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। रायपुर में 2 इंच बारिश भी दर्ज की गई है। राजधानी में 25 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है। बस्तर में सबसे ज्यादा असर पिछले 24 घंटे में बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिला। छोटेडोंगर में 180 मिमी (7.1 इंच), अंतागढ़ और बास्तानार में 160-160 मिमी (6.3-6.3 इंच), बड़े बचेली में 130 मिमी (5.1 इंच), उसूर में 110 मिमी (4.3 इंच), जगरगुंडा में 110 मिमी (4.3 इंच) और दरभा में 100 मिमी (3.9 इंच) बारिश हुई। जगदलपुर में भी 50 मिमी (2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बीजापुर में 100 मिमी (3.9 इंच) और सुकमा में 90 मिमी (3.5 इंच) बारिश हुई। प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से 4% कम है। इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ। छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा हिसाब: 4 जिले एक्सेस, 4 में कमी छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अब तक 832.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 866.4 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 4% कम है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है। जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली, नारायणपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सूरजपुर में बारिश सामान्य से काफी कम है। सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में, 1220 मिमी रिकॉर्ड प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में 48.0 इंच दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 36.7 इंच है। यानी सामान्य से 31% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बाद बलरामपुर में 43.0 इंच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 41.9 इंच, बीजापुर में 41.8 इंच और महासमुंद में 38.4 इंच बारिश दर्ज हुई है। बेमेतरा में सबसे कम बारिश बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे आगे है। यहां अब तक 18.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 31.1 इंच है। यानी बारिश 40% कम है। इसके बाद सूरजपुर में 20.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 41% कम है। जशपुर में 26.7 इंच यानी 33% और कांकेर में 25.4 इंच यानी 37% कम बारिश हुई है। इन जिलों में भी बारिश कम प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। कबीरधाम में 16%, कोंडागांव में 16%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17%, कोरिया में 19%, कोरबा में 10%, रायगढ़ में 4% और सक्ती में 2% कमी है। हालांकि इन जिलों में बारिश को मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है। रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश रायपुर में अब तक 34.3 इंच बारिश हुई है। सामान्य बारिश 29.8 इंच है। यानी रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। वहीं गरियाबंद में 36.0 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 16% ज्यादा है। धमतरी में 31.6 इंच यानी 2% ज्यादा बारिश हुई है। आंकड़ों में कम, लेकिन कैटगरी में बारिश सामन्य बारिश के आंकड़ों में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं होता कि कितने मिलीमीटर पानी गिरा। किसी जिले में बारिश सामान्य है या कम-ज्यादा, यह उसके लंबे समय के औसत यानी सामान्य आंकड़े से तुलना करके तय किया जाता है। आमतौर पर सामान्य से 19% तक का अंतर सामान्य, 20% से 59% ज्यादा बारिश एक्सेस और 20% या उससे ज्यादा कमी डेफिशिएंट मानी जाती है। इसलिए किसी जिले में 31.5 इंच बारिश होने के बावजूद वह सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में यही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है। इसका कारण दोनों जिलों की सामान्य बारिश अलग-अलग होना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *