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दोहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बदली फांसी की सजा:आटा-साटा को लेकर हुए विवाद में किया था हमला; ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा




जालोर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए दो भाइयों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदला है। हाईकोर्ट ने कहा- मामला गंभीर और जघन्य होने के बावजूद रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया। हालांकि दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। 9 दिसंबर 2025 को सुनाई थी सजा अपीलार्थी की ओर से बताया- मामले के अनुसार जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में आटा-साटा विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद पहाड़ सिंह और डूंगर सिंह ने इंद्रा कंवर और हरि सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला किया था। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी निशाना बनाया गया था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय भीनमाल ने 9 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था, जबकि आरोपियों ने भी फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अपराध साबित किया है। हालांकि मृत्युदंड के लिए रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिद्धांत को देखते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। ये था मामला जानकारी के अनुसार- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया- 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे। दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी। खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में बिजनेस कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया। इस पर भाभी इंद्रा और देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह और डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया था, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया। इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच-बचाव करने आए। उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया। इससे उसकी भी मौत हो गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।



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