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नकली घी की पैकिंग का भंडाफोड़, कोडवर्ड में लेते ऑर्डर:61,600 कार्टन-पाउच बरामद, सरस, लोट्स, महान और कृष्णा-ब्रांड के नाम पर तैयार हो रही थी फर्जी पैकिंग; 3 गिरफ्तार




खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जयपुर कमिश्नरेट की CST और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने मंगलवार को झोटवाड़ा के फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर सरस, लोट्स, महान और कृष्णा घी के नाम पर इस्तेमाल होने वाली 61,600 खाली मोनो कार्टन, पाउच पैक और बारकोड स्कैनर बरामद किए हैं। मौके से पैकिंग और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और सप्लाई में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना अनिल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अनिल अग्रवाल (35) पुत्र टीकमचंद अग्रवाल, निवासी कोटड़ा मोहल्ला, वार्ड नंबर 6, चाकसू, मोहनलाल शर्मा (42) पुत्र राजेंद्र प्रसाद शर्मा, निवासी वार्ड नंबर 19, मालियों का मोहल्ला, चाकसू और याकूब (40) पुत्र इब्राहीम निवासी मकान नंबर डी-17, पुरानी बस्ती, नाहरगढ़ किले के नीचे, नीम घर की मस्जिद के पास, नाहरगढ़ थाना के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक महीने तक निगरानी के बाद दबिश डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि झोटवाड़ा थाना पुलिस और सीएसटी टीम ने आरोपियों की गतिविधियों पर करीब एक महीने तक निगरानी रखी। तकनीकी सहायता से उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद फैक्ट्री एरिया स्थित गोदाम पर दबिश दी गई। सरस डेयरी अधिकारियों ने की सामग्री की जांच गोदाम से बड़ी मात्रा में नकली पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने सरस डेयरी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने बरामद रैपर, मोनो कार्टन और हॉलमार्क की जांच की। जांच में पैकिंग सामग्री और हॉलमार्क को नकली बताया गया। इसके बाद सरस डेयरी के राजाराम कार्यालय की ओर से रिपोर्ट पुलिस को दी गई। रिपोर्ट के आधार पर झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। मामले की जांच ACP झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज कर रहे हैं। ऐसे तैयार होती थी नकली घी की पैकिंग पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अनिल अग्रवाल टोंक निवासी अमन जैन से रैपर और खाली मोनो कार्टन खरीदकर लाता था। इसके बाद झोटवाड़ा स्थित गोदाम में प्रिंटिंग मशीन की मदद से इन कार्टनों और रैपर पर सरस, नोट्स, महान और कृष्णा घी के ब्रांड, तारीख और हॉलमार्क फर्जी तरीके से अंकित किए जाते थे। तैयार पैकिंग को जयपुर और आसपास के इलाकों में छोटे व्यापारियों को सप्लाई किया जाता था। पुलिस के अनुसार इन फर्जी रैपर और कार्टनों का इस्तेमाल नकली घी की पैकिंग में किया जाता था। दूसरे नकली घी कारोबारियों को होती थी सप्लाई पुलिस के मुताबिक गोदाम से तैयार नकली पैकिंग को प्रमोद अग्रवाल, श्यामसुंदर राठौड़ और अन्य नकली घी कारोबारियों को सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी सीधे नकली घी बनाने के बजाय उसकी पैकिंग के लिए ब्रांडेड कंपनियों की फर्जी पैकिंग तैयार कर सप्लाई कर रहे थे। कोडवर्ड में लेते थे ऑर्डर, रास्ते और वाहन भी बदलते थे जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की नजर से बचने के लिए काफी सतर्कता से काम करते थे। नकली कार्टन और रैपर की सप्लाई के लिए अलग-अलग रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। व्यापारियों से कोडवर्ड में डिमांड ली जाती थी और मांग के अनुसार पैकिंग सामग्री पहुंचाई जाती थी। पुलिस टीम के अनुसार आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। गोदाम से ये सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 61,600 खाली मोनो कार्टन, 61,600 पाउच पैक, 61,600 बारकोड स्कैनर, 1 इलेक्ट्रिक मशीन, 1 प्रिंटर/कन्वेयर, 1 इलेक्ट्रिक कांटा, 1 सिलाई मशीन, सरस, नोट्स, महान और कृष्णा के नाम के नकली रैपर, फर्जी हॉलमार्क और अन्य पैकिंग सामग्री, 1 अर्टिगा कार, 1 लोडिंग टेम्पो जब्त किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पैकिंग किन-किन कारोबारियों को सप्लाई की जाती थी और नकली घी के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की इसमें क्या भूमिका थी।



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