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बाढ़ के पानी में ग्रामीण फंस गए हैं। बचाव दल मोटर बोट से उन्हें निकालने पहुंचता है, लेकिन अचानक नाव पलट जाती है। ऐसी स्थिति में बचाव दल खुद को सुरक्षित रखते हुए लोगों तक कैसे पहुंचेगा? नदी में डूबे व्यक्ति को पानी के अंदर कैसे खोजा जाएगा और बाहर निकालने के बाद उसकी जान बचाने के लिए क्या किया जाएगा? इन सवालों का जवाब देने के लिए मंगलवार को दुर्ग में एसडीआरएफ के जवानों ने मॉक ड्रिल के जरिए पूरा बचाव अभियान करके दिखाया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल प्रथम वाहिनी भिलाई-दुर्ग परिसर में कमांडेंट की मौजूदगी में बाढ़, आग और प्राथमिक उपचार से जुड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें एसडीआरएफ दुर्ग के जवानों ने अलग-अलग आपदा की स्थिति बनाकर बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में करीब 150 से 200 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मॉक ड्रिल से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए
बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को ऐसे निकाला
अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे ग्रामीणों की स्थिति बनाई गई। जवानों ने मोटर बोट और बचाव उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया दिखाई। इस दौरान यह भी बताया गया कि तेज बहाव वाले पानी में बचाव अभियान के दौरान जवानों को किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है। मॉक ड्रिल में गहरे पानी में गोताखोरों के उतरने से लेकर डूबे व्यक्ति को तलाशने और सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया करके दिखाई गई। बचाव दल की नाव पलटी तो जवानों ने संभाली स्थिति
अभ्यास में ऐसी स्थिति भी बनाई गई, जिसमें बचाव अभियान के दौरान एसडीआरएफ की मोटर बोट ही पलट जाती है। इसके बाद जवानों ने खुद को सुरक्षित रखने और पानी में फंसे अन्य सदस्यों को बचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। वहीं पानी से बाहर निकाले गए व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर तत्काल प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए, इसका भी प्रदर्शन किया गया। जवानों ने सीपीआर देकर सांस और धड़कन वापस लाने की प्रक्रिया समझाई। आधुनिक उपकरणों की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में एसडीआरएफ के पास मौजूद बचाव उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। जवानों ने बताया कि बाढ़, नदी हादसे, आग और अन्य आपदाओं में अलग-अलग उपकरणों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर सही उपकरण चुनने और उसका सुरक्षित उपयोग करने की जानकारी दी गई। एसडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि आपदा आने के बाद केवल बचाव दल की तैयारी काफी नहीं होती। आम लोगों को भी यह पता होना चाहिए कि संकट के समय घबराने के बजाय कैसे सुरक्षित रहना है और बचाव दल का सहयोग कैसे करना है।
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नदी में उतरे गोताखोर, पलटी मोटर बोट:दुर्ग में एसडीआरएफ ने दिखाया आपदा से बचाव का पूरा अभ्यास
