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औरंगाबाद जिले के अंबा बाजार में बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है। मेंटेनेंस के नाम पर दिनभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सोमवार को अंबा मुख्य चौक से सतबहिनी मंदिर होते हुए हाई स्कूल तक 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का तार बदलने का काम कराया जा रहा था। इसके लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक का परमिट लिया गया था, लेकिन शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से पूरे बाजार में अंधेरा छा गया। नवरात्र के दौरान घरों में पूजा-पाठ, दीप जलाने और मंदिर जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने मेंटेनेंस कार्य और बिजली कटौती के संबंध में पहले से पर्याप्त सूचना नहीं दी थी। इससे लोगों को अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करने में कठिनाई हुई। निर्धारित समय बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर काम कर रहे बिजली कर्मियों और ठेकेदार के साथ स्थानीय लोगों की तीखी बहस हुई। पूजा-पाठ और घरेलू कामकाज में परेशानी होती संतोष कुमार, रमन कुमार, रंजन कुमार, अनिकेत समेत अन्य ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। ग्रामीण रंजन कुमार ने कहा कि नवरात्र जैसे पवित्र त्योहार में दिनभर बिजली काटना उचित नहीं है। इससे लोगों को पूजा-पाठ और घरेलू कामकाज में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यदि मेंटेनेंस के लिए बिजली बंद करना जरूरी था, तो विभाग को पहले से सूचना देनी चाहिए थी, ताकि उपभोक्ता जरूरी व्यवस्था कर सकें। स्थानीय संतोष कुमार ने भी विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना था कि शाम के समय लोग स्नान-ध्यान कर दीप जलाते हैं और देवी मंदिरों में पूजा करने जाते हैं। ऐसे समय में बिजली बाधित रहने से श्रद्धालुओं की परेशानी और बढ़ जाती है।
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नवरात्र में अंबा में अघोषित बिजली कटौती से आक्रोश:सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक लिया था परमिट, शाम तक आपूर्ति रही बाधित
