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नालंदा पुलिस ने जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। अस्थावां थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 10 स्मार्ट मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी फर्जी तांत्रिक बनकर मनचाहा वशीकरण कराने का दावा करते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर एस्कॉर्ट सर्विस में नौकरी और अच्छी कमाई का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करते थे।
चुलिहारी पुल के पास चार ठग पकड़े गए अस्थावां थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सत्यम कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि चुलिहारी पुल के पास साइबर ठगों का एक गिरोह किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर उगावां गांव के खंधा क्षेत्र में छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने दो अन्य साइबर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर लोगों को फंसाकर खातों में मंगाते थे पैसे गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चुलिहारी निवासी बंटी कुमार (21), सोनू कुमार (19), सोनेलाल पासवान (36) और लक्की कुमार (18) तथा उगावां निवासी दीपक कुमार (19) और सोनू कुमार (20) के रूप में हुई है। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट के तौर पर काम कर रहे थे। वे इंटरनेट और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कभी फर्जी बाबा बनकर मनचाहे स्त्री या पुरुष का वशीकरण कराने का दावा करते थे तो कभी ‘सेक्स एस्कॉर्ट सर्विस’ में आकर्षक नौकरी और कमाई का लालच देते थे। इसके बाद लोगों से अलग-अलग बहाने से अपने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाते थे। 10 स्मार्टफोन बरामद, आरोपियों को भेजा जा रहा न्यायिक हिरासत में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल 10 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी के मामलों का पता लगाने में जुटी है। कार्रवाई में थानाध्यक्ष सत्यम कुमार के साथ पुलिस अवर निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार साह, सहायक अवर निरीक्षक धर्मवीर पासवान, गयानंद पाण्डेय समेत पुलिस बल के जवान शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से बचने की अपील की नालंदा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन प्रलोभन, फर्जी कॉल या संदिग्ध लिंक के झांसे में न आएं। बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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