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नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत चंडीगढ़ में लागू डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की जगह हाल ही में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) सिस्टम लागू किया गया है। अब बैंक खाते के बजाय लाभार्थियों को मोबाइल ऐप में सब्सिडी मिलती है, जिससे वे एमपैनल्ड राशन दुकानों से सामान खरीद सकते हैं। हालांकि, इस नए सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। मंगलवार को सेक्टर-17 स्थित फूड सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के दफ्तर के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। भीड़ को देखते हुए विभाग ने बुधवार (7 अक्टूबर) से 4 इलाकों में स्पेशल कैंप लगाने का फैसला किया है। केवाईसी न होने से कटे नाम, ऐप में तकनीकी खामियां केंद्र की लिस्ट के अनुसार करीब 10,000 लाभार्थियों के नाम कट गए हैं क्योंकि वे केवाईसी कराने नहीं आए थे। हालांकि इनमें से कई लोग अब दोबारा नाम जुड़वाने पहुंच रहे हैं। फॉर्म भरने, ओटीपी और ऐप डाउनलोड की प्रक्रिया एक साथ होने से हर व्यक्ति में काफी समय लग रहा है। कई लोगों के मोबाइल में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा संचालित यह ऐप डाउनलोड तो है, लेकिन यह चल नहीं रहा या उसमें सब्सिडी की रकम नहीं आई है। 500 से ज्यादा राशन दुकानें एम्पैनल्ड हैं। लाभार्थियों का ऐप चलता है तो दुकानदार का बंद हो जाता है, जिससे घंटों इंतजार करना पड़ता है। कैंप में मिलने वाली सुविधाएं लोगों की सुविधा के लिए चार कम्युनिटी सेंटरों में कैंप लगाए जाएंगे, जहां अधिकारी मौजूद रहकर शिकायतों का निपटारा करेंगे:
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न ऐप खुल रहा, न आ रहा ओटीपी, डीबीटी बंद होने से फूड सप्लाई दफ्तर के बाहर लगी लाइनें
