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राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ नगरपालिका से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा हरियाणा के पंचकूला स्थित रिसॉर्ट में सामने आया है। रामगढ़ के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद योगेश शर्मा के परिजनों ने कांग्रेस पर उनके परिवार के किडनैपिंग का आरोप लगाया था। हालांकि, जब सूचना मिलते ही पंचकूला पुलिस ने रिसॉर्ट में छापा मारा, तो कहानी पूरी तरह उलट गई। वहां कांग्रेस नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षदों की बाड़ेबंदी पाई गई। शिकायतकर्ता राकेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव जीतने के बाद उनके भाई योगेश शर्मा, उनकी पत्नी और दो बच्चों को कांग्रेस पार्टी द्वारा अगवा कर लिया गया था। पिछले 5 दिनों से योगेश का मोबाइल बंद आ रहा था और परिवार को गुमराह करके पंचकूला के एक रिसॉर्ट में रखा गया था। परिजनों की इस शिकायत पर पंचकूला की रामगढ़ पुलिस चौकी टीम तुरंत एक्शन में आई और रिसॉर्ट पहुंची। पुलिस रेड में मिला सरप्राइज
रामगढ़ चौकी पुलिस जब शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। रिसॉर्ट में कांग्रेस का कोई पार्षद मौजूद नहीं था। वहां लक्ष्मणगढ़ और राजगढ़ से आए बीजेपी समर्थित पार्षदों को ठहराया गया था। करीब 60 लोगों के रुकने की बुकिंग ‘नितिन’ नाम के ट्रैवल एजेंट के जरिए कराई गई थी। रेड के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सहायक बताया। नहीं मिला पीड़ित का भाई : चौकी इंचार्ज
मामले की जानकारी देते हुए रामगढ़ चौकी के जांच अधिकारी कृपाल ने बताया कि पुलिस को लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर तुरंत जांच शुरू की गई। हालांकि, रिसॉर्ट में वे पीड़ित के साथ गए थे, वहां पर उसका भाई नहीं मिला।
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पंचकूला रिसॉर्ट से कांग्रेस के 'अपहरण' की कहानी का सच:मिली BJP की बाड़ेबंदी; लक्ष्मणगढ़-राजगढ़ के 60 लोगों की ट्रैवल एजेंट के जरिए बुकिंग
