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पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को राज्य के पांच जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रोपड़ में बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। यहां एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक हो गया है। सबसे अधिक 39.9 डिग्री तापमान गुरदासपुर में दर्ज किया गया। रोपड़ में 3.5 एमएम बारिश दर्ज 27 अगस्त को मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई थी। इस दौरान चंडीगढ़ में बूंदाबांदी हुई। यहां दो बार बारिश जैसा मौसम बना, लेकिन बारिश रिकॉर्ड नहीं हो पाई। वहीं रोपड़ में 3.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बाकी किसी भी स्टेशन पर बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई। इस दौरान पंजाब के जिलों में तापमान 33.3 से 39.9 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। अब पांच प्वाइंट में जानिए मौसम उत्तर हरियाणा के पास मौसम सिस्टम: उत्तर हरियाणा के पास एक मौसम सिस्टम बना हुआ है। इसका असर पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम पर पड़ सकता है। अमृतसर-अंबाला से गुजर रही मानसून ट्रफ: मानसून की ट्रफ अमृतसर और अंबाला से होकर गुजर रही है। इससे पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। उत्तर प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र: दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे आसपास के इलाकों में नमी बनी हुई है। बारिश के आसार: इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तरी और पूर्वी पंजाब पर ज्यादा असर: बारिश की गतिविधि पंजाब के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ज्यादा देखने को मिल सकती है। डैम खतरे के निशान से नीचे भाखड़ा डैम में जलस्तर 1,634.61 फीट है। यहां 32,881 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 25,717 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का जलस्तर 1,365.88 फीट है। इसमें 25,476 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और 16,405 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल दोनों डैम का जलस्तर नियंत्रण में है और खतरे की स्थिति नहीं है। 27 अगस्त को भाखड़ा का जलस्तर 1,634.22 फीट था, जो अब बढ़कर 1,634.61 फीट हो गया है।
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पंजाब-चंडीगढ़ में मानसून पड़ा कमजोर:आज 5 जिलों में बारिश के आसार, तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक, बिजली मांग 15 हजार मेगावाट पार
