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पटियाला-प्रोफेसर से मांगी 50 लाख की फिरौती निकली झूठी:हाथरस के युवक ने पिता के इलाज के लिए मांगे थे 5 हजार; जांच में आरोपी गिरफ्तार




लुधियाना के खन्ना में पुलिस ने फिरौती मांगने के मामले का खुलासा किया है। एक प्रोफेसर ने 50 लाख रुपये की फिरौती और फायरिंग की शिकायत दर्ज करवाई थी जोकि पुलिस जांच में पूरी तरह झूठी पाई गई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सोशल मीडिया पर मांगी गई मदद को गलत तरीके से पेश किया गया। असल में हाथरस के एक युवक ने अपने दृष्टिहीन पिता के इलाज के लिए केवल 5 हजार रुपये की आर्थिक मदद मांगी थी, जिसे फिरौती का रूप दे दिया गया। पुलिस ने हाथरस के युवक को गिरफ्तार किया और उससे कड़ी पूछताछ की। इस पूछताछ और जांच में पता चला कि युवक ने 50 लाख रुपए की फिरौती नहीं मांगी थी बल्कि इलाज के लिए मदद मांगी थी। 7 जुलाई को हुई घटना का प्रोफेसर ने लगाया था आरोप मामले की जानकारी देते हुए एसपी (इंवेस्टिगेशन) पवनजीत चौधरी ने बताया कि प्रोफेसर सुमेर सीड़ा की शिकायत पर 8 जुलाई, 2026 को केस दर्ज किया गया था। शिकायत में प्रोफेसर सीड़ा ने आरोप लगाया था कि 7 जुलाई की शाम जब वे नेशनल हाईवे से गुजर रहे थे, तब एक एक्टिवा पर सवार 2 युवकों में से पीछे बैठे युवक ने उनकी कार के आगे हवाई फायर किए। प्रोफेसर का यह भी दावा था कि जब वह पटियाला पहुंचे, तो उन्हें फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉल के जरिए 50 लाख रुपये की रंगदारी (फिरौती) देने की धमकी दी गई। न असली हथियार मिला, न कार को निशाना बनाने के सबूत मामले की गंभीरता को देखते हुए खन्ना पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने रूट के सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया चैट्स का गहनता से विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि हाईवे पर हुई घटना में प्रोफेसर सीड़ा को निशाना बनाए जाने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले। इसके अलावा, जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस फायरिंग का दावा किया गया था, वह किसी असली हथियार से नहीं बल्कि खिलौना पिस्तौल जैसी वस्तु से की गई प्रतीत होती है। फेसबुक चैट की जांच में खुला असल सच: आरोपी गिरफ्तार पुलिस को सबसे बड़ा मोड़ फेसबुक मैसेंजर की बारीकी से की गई जांच में मिला। संदेश भेजने वाले की पहचान उत्तर प्रदेश के हाथरस निवासी दोलिंदर सोनी के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोलिंदर सोनी को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो मामले का असली सच सामने आ गया। दोलिंदर सोनी ने 50 लाख रुपये की कोई फिरौती नहीं मांगी थी। पिता के इलाज के लिए मांग रहा था 5 हजार की मदद पूछताछ में सामने आया कि दोलिंदर सोनी के 70 वर्षीय पिता की आंखों की रोशनी चली गई थी। वह अपने पिता के इलाज के लिए सोशल मीडिया के जरिए लोगों से आर्थिक सहायता की गुहार लगा रहा था। इसी दौरान उसने प्रोफेसर सीड़ा से भी केवल 5 हजार रुपये की मदद मांगी थी। जांच में फिरौती या रंगदारी का कोई भी प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साफ हो गया कि 5 हजार रुपये की मदद की गुहार को गलत तरीके से फिरौती बनाकर पेश किया गया था।
प्रोफेसर सुमेर सीड़ा का राजनीतिक सफर
2008: कांग्रेस में शामिल हुए, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सांसद परनीत कौर के करीबी नेताओं में गिने गए।
2016: कांग्रेस छोड़ दी।
2021: आम आदमी पार्टी में शामिल हुए, लेकिन विधानसभा टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से अलग हो गए।
लोकसभा चुनाव से पहले: शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए।
अकाली दल ने उन्हें पंजाब ट्रेड विंग का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महासचिव बनाया।
बाद में समाना और पटियाला ग्रामीण सीटों पर टिकट वितरण से नाराजगी जताई और स्वतंत्र चुनाव लड़ने की इच्छा भी व्यक्त की।



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