Headlines

पति की मौत से गर्भवती-पत्नी का घर चलाना हुआ मुश्किल:मधुबनी में बस-हादसे में 2 की मौत; 13 दिन बाद भी परिवार को नहीं मिला मुआवजा




मधुबनी के मधेपुर प्रखंड के बसीपट्टी गांव के दो परिवारों के लिए रक्षाबंधन का त्योहार दुख में बदल गया। 27 अगस्त को हुए बस हादसे में गांव के दो युवकों की जान चली गई थी। हादसे के 13 दिन बाद भी दोनों मृतकों के परिवारों को सरकारी मुआवजा नहीं मिला है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर इन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। बसीपट्टी गांव के श्यामलाल चौपाल और सूरज चौपाल दिल्ली में मजदूरी करते थे। वे अपने परिवारों का खर्च चलाते थे। रक्षाबंधन पर दोनों दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी बस का एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। गांव में खबर पहुंचते ही दोनों परिवारों में दुख छा गया। गर्भवती पत्नी को घर का खर्च चलाना हुआ मुश्किल श्यामलाल चौपाल के दो बेटियां और एक छोटा बेटा है। वहीं, सूरज चौपाल की एक बेटी है और उनकी पत्नी गर्भवती हैं। परिवार चलाने वाले सदस्यों की अचानक मौत से दोनों घरों के सामने अब पैसों की दिक्कत आ गई है। परिजनों के लिए बच्चों को पालना और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग भाजपा नेता ज्योति झा ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी संवेदनाएं जताईं। उन्होंने कहा कि वे दुख की इस घड़ी में परिवारों के साथ हैं। उन्होंने बिहार सरकार और जिला अधिकारी से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को जल्द सरकारी मदद और मुआवजा दिया जाए। ज्योति झा ने कहा कि हादसे के 13 दिन बाद भी परिवारों को सरकारी मदद न मिलना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों की हालत देखकर तुरंत सहायता राशि देनी चाहिए। इससे उन्हें इस मुश्किल समय में कुछ राहत मिलेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *