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प्रदेश में नवीन शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षकों में असंतोष एवं आक्रोश बढ़ रहा है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पात्र शिक्षकों को अब तक स्पष्ट, पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ नहीं मिल पाने से वे निराश हैं। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया वरिष्ठता, पात्रता एवं उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर चरणबद्ध, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से की जानी चाहिए। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने यह मामला उठाते हुए कहा है कि यह विभाग पदोन्नति आदेशों में किसी न्यायालयीन निर्णय या अन्य शर्त का उल्लेख करता है, तो विभाग को उसकी स्थिति एवं प्रभाव के संबंध में शिक्षकों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो। शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि नवीन शिक्षक संवर्ग में प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक से उच्च माध्यमिक शिक्षक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षक से प्राचार्य (हाईस्कूल) पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में हो रहे अनावश्यक विलंब को समाप्त किया जाए। संगठन ने मांग की है कि विभाग तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करे तथा सभी पात्र शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति का लाभ प्रदान किया जाए। गौरतलब है कि पदोन्नति की कार्यवाही शुरू होने के बाद सभी लगभग विभागों में पदोन्नति का काम हो गया है लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग प्राथमिक माध्यमिक, माध्यमिक से उच्च माध्यमिक और उच्च माध्यमिक से प्राचार्य हाईस्कूल के पदों पर अब तक पदोन्नति कार्यवाही नहीं कर सका है जबकि सितम्बर अक्टूबर में अगले दौर की डीपीसी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मप्र शिक्षक संगठन, राज्य अध्यापक संघ ने भी पदोन्नति में देरी न कर जल्दी प्रमोशन करने के लिए कहा है।
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पदोन्नति में देरी से प्रदेश के शिक्षकों में आक्रोश:सीनियरिटी, पात्रता और रिक्त पदों के आधार पर हों प्रमोशन, शिक्षक संगठनों ने उठाई आवाज
