2 घंटे पहले
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आज (3 अक्टूबर) रात करीब 8.35 बजे शुक्र ग्रह तुला राशि में वक्री हो रहा है। यह ग्रह प्रेम, रिश्ते, सुख-सुविधाओं, सौंदर्य और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालता है। तुला शुक्र की अपनी राशि है। 5 नवंबर को वक्री शुक्र तुला से कन्या राशि में प्रवेश करेगा और फिर 14 नवबंर को यह ग्रह मार्गी हो जाएगा। इसके बाद 23 नवबंर को शुक्र फिर से तुला राशि में आ जाएगा।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए सभी 12 राशियों के लिए वक्री शुक्र का कैसा असर रहने वाला है…
मेष
शुक्र आपकी राशि से सप्तम भाव (तुला) में वक्री हो रहा है। कुछ दिन बाद छठे भाव (कन्या) में वक्री-मार्गी होगा। वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी में सावधानी बरतने की सलाह है। जीवनसाथी के साथ पुराने मतभेद फिर से उभर सकते हैं, इसलिए संवाद में मधुरता बनाए रखें। 5 नवंबर से 14 नवंबर के बीच कन्या राशि में वक्री शुक्र के रहने से स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। आर्थिक मामलों में बिना सोचे-समझे किया गया निवेश नुकसान दे सकता है। 23 नवंबर के बाद तुला में शुक्र का पुनः आगमन रिश्तों में मजबूती और व्यावसायिक स्थिरता लाएगा।
वृषभ
वृषभ राशि का स्वामी शुक्र षष्ठम भाव (तुला) में वक्री होगा और फिर कुछ दिन बाद पंचम भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा। इस समय अवधि में आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी असुविधा हो सकती है, इसलिए बहस से दूर रहें। प्रेम संबंध के नजरिए से कन्या राशि में वक्री शुक्र पुरानी गलतफहमियों को दूर करने का मौका देगा, लेकिन भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। 14 नवंबर के बाद जब शुक्र मार्गी होगा, तो पैसों की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
मिथुन
शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव (तुला) में वक्री हो रहा है। कुछ दिन बाद चतुर्थ भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा। विद्यार्थियों, कलाकारों और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह समय मिश्रित फल देने वाला रहेगा। प्रेम संबंध में थोड़ा ठहराव आ सकता है; अपने लाइफ पार्टनर पर किसी भी तरह का दबाव न बनाएं। 5 नवंबर के बाद कन्या राशि में शुक्र के वक्री होने पर सतर्क रहना होगा। घरेलू मामलों में थोड़ी अशांति रह सकती है। 23 नवंबर को शुक्र के पुनः तुला राशि में आएगा, तब आय के नए स्रोत खुलेंगे और रचनात्मक क्षमता में वृद्धि होगी।
कर्क
इस राशि से चतुर्थ भाव (तुला) में शुक्र के वक्री होने से पारिवारिक जीवन और भौतिक सुखों पर प्रभाव पड़ेगा। घर के नवीनीकरण या सुख-सुविधाओं पर अतिरिक्त धन खर्च हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। 5 नवंबर को शुक्र जब आपके तीसरे भाव (कन्या) में आएगा, तो भाई-बहनों के साथ रिश्तों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। व्यावसायिक यात्राओं में देरी या रुकावट संभव है। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। 23 नवंबर के बाद घर का माहौल सुखद और शांतिपूर्ण बनेगा।
सिंह
सिंह राशि के लोगों के लिए शुक्र का तीसरे भाव (तुला) में वक्री होगा, जो बाद में दूसरे भाव (कन्या) में जाएगा। यह समय आपकी संवाद शैली और छोटी यात्राओं को प्रभावित करेगा। बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, अन्यथा रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है। 5 नवंबर से कन्या राशि में वक्री शुक्र के रहने से धन संचय में दिक्कतें आ सकती हैं और अनचाहे खर्चे सामने आ सकते हैं। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आना शुरू होगा और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनेंगे। 23 नवंबर के बाद कला और संचार माध्यमों से लाभ मिलेगा।
कन्या
इस राशि में शुक्र 5 नवंबर से 23 नवंबर के बीच गोचर करेगा, जबकि अभी यह ग्रह दूसरे भाव (तुला) में वक्री रहेगा। तुला में वक्री शुक्र आर्थिक स्थिति और पारिवारिक बचत को प्रभावित करेगा। जब शुक्र इसी राशि में आएगा, तब व्यक्तित्व और स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। इस दौरान आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। सौंदर्य प्रसाधनों पर अत्यधिक खर्च करने से बचें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी।
तुला
शुक्र इस राशि का स्वामी है और इसी राशि में है। अब ये वक्री हो जाएगा और फिर कुछ दिन बाद बारहवें भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा। इस राशि में वक्री शुक्र आत्म-विश्लेषण का अवसर देगा। अपनी प्राथमिकताओं को तय करें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। 5 नवंबर को शुक्र कन्या राशि में गोचर करेगा, इस दौरान विदेश यात्रा या विदेशी स्रोतों से लाभ के योग बन सकते हैं। अस्पताल या फिजूलखर्ची के योग भी बन सकते हैं। 14 नवंबर के बाद जब शुक्र मार्गी होगा, तो आपकी मानसिक उलझनों में कमी आएगी। 23 नवंबर को इस राशि में शुक्र का पुनः प्रवेश होगा, तब आकर्षण, पद-प्रतिष्ठा और सुखों में वृद्धि करेगा।
वृश्चिक
इस राशि से बारहवें भाव (तुला) में शुक्र का वक्री होना विदेशी संपर्कों, यात्राओं और भौतिक चीजों से जुड़ी इच्छाओं को बढ़ाएगा। इस समय बजट बनाकर चलना बेहद आवश्यक है। 5 नवंबर को शुक्र ग्यारहवें भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा, जिससे आमदनी पर थोड़ा असर हो सकता है या मित्रों के साथ मतभेद हो सकते हैं। व्यापार में बड़े सौदे करते समय सतर्कता बरतें। 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद रुका हुआ लाभ मिलने की संभावना है। 23 नवंबर के बाद तुला में शुक्र का पुनः आना आध्यात्मिक शांति और सुखद यात्राओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
धनु
शुक्र इस राशि से ग्यारहवें भाव (तुला) में वक्री होगा और फिर कुछ दिन बाद दसवें भाव (कन्या) में गोचर करेगा। तुला में वक्री शुक्र लाभ कम कर सकता है। बड़े भाई-बहनों या वरिष्ठों के साथ तालमेल बनाए रखें। 5 नवंबर से कन्या राशि में वक्री-मार्गी शुक्र करियर और कार्यस्थल पर चुनौतियों बढ़ा सकता है। अधिकारियों के साथ अनबन से बचें और नौकरी में बदलाव का फैसला सोच-समझकर लें। 14 नवंबर के बाद जीवन में आ रही रुकावटें दूर होने लगेंगी। 23 नवंबर को ग्यारहवें भाव में शुक्र के लौटते ही व्यापार में लाभ के योग बनेंगे।
मकर
शुक्र दसवें भाव (तुला) में वक्री होकर कुछ दिन बाद नवम भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा। कार्यक्षेत्र में चल रही योजनाओं में अचानक रुकावट या देरी का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों पर अंधविश्वास न करें। 5 नवंबर को कन्या राशि में गोचर के दौरान आपका ध्यान धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर आकर्षित होगा, लेकिन भाग्य का पूरा साथ मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 14 नवंबर के बाद शुक्र के मार्गी होने से भाग्य का सहयोग मिलने लगेगा। 23 नवंबर के बाद तुला में शुक्र का प्रवेश करियर में नई ऊंचाइयां देगा।
कुंभ
कुंभ राशि के लिए शुक्र नवम भाव (तुला) में वक्री होगा और फिर आठवें भाव (कन्या) में गोचर करेगा। भाग्य स्थान में वक्री शुक्र के कारण लंबी दूरी की यात्राओं में बाधाएं या देरी हो सकती है। उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को अधिक मेहनत की आवश्यकता होगी। 5 नवंबर को कन्या राशि में वक्री शुक्र के आने से धन के मामलों में प्रगति ला सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना होगा। 14 नवंबर के बाद स्थिति पक्ष में होने लगेगी। 23 नवंबर को तुला राशि में शुक्र का पुनः आगमन धार्मिक कार्यों और रुकी हुई योजनाओं को पूरा करेगा।
मीन
इस राशि से आठवें भाव (तुला) में शुक्र के वक्री होने से ससुराल पक्ष के साथ संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा। वित्तीय सौदों में गोपनीयता बनाए रखें। 5 नवंबर को शुक्र सातवें भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा। यह समय जीवनसाथी या व्यावसायिक साझेदार के साथ रिश्तों के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील रहेगा। छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद कड़वाहट कम होगी। 23 नवंबर को आठवें भाव में शुक्र के पुनः आने से लाभ के रास्ते खुलेंगे।

