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पानीपत में ट्रेनों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा न किए जाने से आक्रोशित समस्त पूर्वांचल समाज ने शुक्रवार यानी 2 अक्टूबर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी प्रमुख 6 सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए पूर्वांचल समाज के बैनर तले पानीपत में विशाल प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सड़कों पर महिलाएं, युवा और पुरुष उतरे और सरकार व रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की जोरदार आवाज उठाई। सड़कों पर गूंजे नारे, शहीद स्मारक पर अनशन शुरू गांधी जयंती के अवसर पर सुबह 10 बजे पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधि, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा लघु सचिवालय स्थित शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए। हाथ में मांगों से भरा बड़ा बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और सरकार के उदासीन रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पानीपत में लाखों की संख्या में पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश-बिहार के लोग रहते हैं, जो यहां के उद्योग-धंधों की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद रेल सुविधाओं के मामले में उनकी अनदेखी की जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, 2 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अनशन और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। पूर्वांचल समाज की ये हैं 6 मुख्य मांगें सामाजिक संस्थाओं और शहरवासियों से सहयोग की अपील पूर्वांचल समाज के पदाधिकारियों ने पानीपत शहर की सभी सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और आम शहरवासियों से इस न्यायसंगत आंदोलन में साथ जुड़ने की अपील की है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और युवाओं का कहना था कि त्योहारों के समय ट्रेनों में टिकट न मिलने के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि सरकार ने जल्द ही इन 6 मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
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पानीपत में पूर्वांचल समाज का हल्ला बोल:ट्रेनों के ठहराव और नई ट्रेनों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं, अनशन शुरू
