पीयू की राजनीति से गैंगस्टर तक का सफर:लॉरेंस से नेहरा तक कई नाम , छात्र संगठनों के वर्चस्व ने कई को अपराध तक पहुंचाया




पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) और इससे जुड़े कॉलेजों की छात्र राजनीति का इतिहास आंदोलनों, वैचारिक बहस और छात्र हितों की लड़ाई से जुड़ा रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कैंपस की छात्र राजनीति से जुड़े कुछ ऐसे नाम भी सामने आए, जिनका बाद में अपराध की दुनिया से नाता जुड़ा। लॉरेंस बिश्नोई से लेकर गोल्डी बराड़ और संपत नेहरा तक ऐसे नाम हैं, जिनका छात्र राजनीति या छात्र संगठनों से जुड़ाव बताया जाता रहा है। छात्र संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से शुरू होने वाला विवाद कई मामलों में बाद में आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचा। हालांकि, किसी व्यक्ति के छात्र राजनीति से जुड़े होने मात्र से उसके बाद के अपराधों को छात्र राजनीति का प्रत्यक्ष परिणाम मानना उचित नहीं होगा। इन मामलों में पुलिस जांच और अदालतों के निष्कर्ष ही अंतिम आधार माने जाते हैं। लॉरेंस बिश्नोई: छात्र राजनीति से अपराध की दुनिया तक लॉरेंस बिश्नोई का नाम पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से जुड़े प्रमुख चेहरों में लिया जाता है। उसने सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की थी। छात्र राजनीति के दौरान उसका जुड़ाव स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) से बताया गया। 2010-11 के छात्रसंघ चुनाव के दौरान विरोधी गुट के साथ विवाद और गोलीबारी के मामले में उसका नाम सामने आया। इसके बाद धीरे-धीरे उसका संपर्क ऐसे लोगों से बढ़ता गया और आगे चलकर वह एक बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा। आज बिश्नोई का नाम हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में सामने आता रहा है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी जांच एजेंसियों ने उसके नेटवर्क और सहयोगियों की भूमिका की जांच की थी। सलमान खान को धमकियों और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े मामलों में भी बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आया है। गोल्डी बराड़: छात्र राजनीति से विदेश में बैठे गैंग नेटवर्क तक सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का नाम भी लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी के तौर पर सामने आया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ के कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति से जुड़ा था। SOPU से जुड़े लोगों के संपर्क के जरिए उसका बिश्नोई से संबंध मजबूत हुआ। बाद में वह कनाडा चला गया और पुलिस जांच के मुताबिक विदेश से आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने में उसकी भूमिका रही। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी उसका नाम मुख्य आरोपितों में सामने आया। भारत सरकार ने उसे यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। संपत नेहरा: एथलीट से शार्पशूटर बनने का आरोप संपत नेहरा का नाम भी पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से जुड़े चेहरों में लिया जाता है। वह कैंपस और सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज से जुड़ा रहा। वह एथलीट और राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी रह चुका है। छात्र राजनीति के दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई से हुआ और बाद में वह बिश्नोई गिरोह से जुड़ गया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, हथियार और रंगदारी से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सलमान खान के मुंबई स्थित घर की कथित रेकी के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। कैंपस की राजनीति से अपराध के नेटवर्क तक एसे पहुंचा रास्ता पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब इस लड़ाई में बाहरी तत्वों, ताकत के प्रदर्शन और हथियारों की एंट्री होती है तो विवाद का स्वरूप बदल जाता है। ऐसे माहौल में छात्र संगठनों से जुड़े कुछ युवाओं के आपराधिक तत्वों के संपर्क में आने के मामले सामने आए। लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और संपत नेहरा के मामलों को इसी संदर्भ में देखा जाता है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर बाद में अलग-अलग परिस्थितियों में अपराध और गैंग नेटवर्क से जुड़ता गया।



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