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करनाल के गांव पुंडरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रीकृष्ण जन्म, कंस वध और बर्बरीक कथा के मंचन के लिए कलाकार पिछले एक सप्ताह से लगातार रिहर्सल कर रहे हैं। इस बार मंचन की खास बात यह है कि कृष्ण जन्म और कंस वध के साथ पहली बार बर्बरीक कथा को भी शामिल किया गया है। इसमें बर्बरीक से बाबा श्याम तक के सफर को मंच पर दिखाया जाएगा। पूरा कार्यक्रम करीब तीन घंटे लगातार चलेगा। थियेटर आर्ट ग्रुप के डायरेक्टर प्रवेश त्यागी के नेतृत्व में कलाकार मंचन की तैयारी कर रहे हैं। रिहर्सल के दौरान कलाकारों को स्टेज संचालन, संवाद बोलने के तरीके, हावभाव और प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था के इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। मंचन में पत्ते भेदने, बर्बरीक का सिर धड़ से अलग होने और कंस वध के दृश्यों को भी तैयार किया जा रहा है। हर वर्ष कुछ नया जोड़ने का होता है प्रयास प्रवेश त्यागी ने बताया कि रामलीला रंगमंच पुंडरी और ग्रामीणों के सहयोग से हर वर्ष शिव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाती है। दिन में शोभायात्रा निकाली जाती है और रात को श्रीकृष्ण जन्म तथा कंस वध का करीब तीन घंटे तक मंचन होता है। इस बार इसमें बर्बरीक कथा को जोड़ा गया है। उनका कहना है कि हर वर्ष मंचन में कुछ नया जोड़ने का प्रयास किया जाता है। बिना प्रॉम्पटर के याद किए संवाद मंचन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कलाकार किसी प्रॉम्पटर की मदद नहीं लेते। वे अपने सभी संवाद पहले से याद करके मंच पर प्रस्तुति देते हैं। इससे कलाकार पूरे आत्मविश्वास के साथ संवाद बोलते हैं और अभिनय के दौरान बेहतर हावभाव भी दिखा पाते हैं। कई कलाकर कर रहे हैं तैयारी कलाकार मनीष त्यागी, अजय पाल, विकास शर्मा, यश, युग, कार्तिक, वंश, यतिन व अन्य ने बताया कि वे मंचन से करीब एक सप्ताह पहले अभ्यास शुरू कर देते हैं। लगातार रिहर्सल से संवाद याद करने के साथ प्रस्तुति को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। मंचन को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह है और लोग हर साल इसका इंतजार करते हैं।
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पुंडरी में श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी पर पहली बार बर्बरीक कथा का मंचन:श्रीकृष्ण जन्म-कंस वध के साथ 3 घंटे चलेगा कार्यक्रम; कलाकार बिना प्रॉम्पटर बोलेंगे संवाद
