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प्रयागराज कोर्ट में पेश हुआ अतीक का शूटर अरमान:14 दिन की न्यायिक हिरासत; गयाजी वापस लेकर आई यूपी पुलिस; रिमांड की तैयारी




माफिया अतीक अहमद के कुख्यात शूटर अरमान को प्रयागराज कोर्ट में पेशी के बाद मंगलवार सुबह गयाजी सेंट्रल जेल वापस लाया गया। सोमवार शाम करीब 4:15 बजे उसे प्रयागराज की एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब प्रयागराज पुलिस अरमान को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उससे उमेश पाल हत्याकांड को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि हत्याकांड के बाद वह कहां-कहां रहा और अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन समेत दूसरे फरार आरोपियों के बारे में उसे क्या जानकारी है। सोमवार को गयाजी जेल से यूपी पुलिस ले गई थी अरमान मूल रूप से गयाजी के कठोतर तालाब मोहल्ले का रहने वाला है। 2023 में उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह गयाजी लौट आया था। बताया जाता है कि यूपी पुलिस से बचने के लिए उसने 2022 के एक पुराने मामले में खुद को सरेंडर कर जेल चला गया था। वह करीब साढ़े 3 साल से गयाजी सेंट्रल जेल में बंद था। इस बात की भनक यूपी पुलिस को नहीं लगी थी। यूपी पुलिस अरमान को देश दुनिया में ढूंढ रही थी। इसी साल सितंबर में यूपी पुलिस को उसके गयाजी जेल में बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की। सोमवार शाम यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अरमान को अपने साथ प्रयागराज ले गई थी। वहां कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में उसकी पेशी हुई। प्रयागराज पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में अब तक अरमान की गिरफ्तारी दर्ज नहीं की गई थी। जेल में उसके बंद होने की जानकारी मिलने के बाद अब इस केस में उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई है। कोर्ट में सफेद गमछे से ढका था चेहरा अरमान की पेशी को लेकर प्रयागराज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उसे करीब 40 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। इस दौरान उसका चेहरा सफेद गमछे से ढंका हुआ था। इस दौरान मीडिया ने उससे कई सवाल किए लेकिन अरमान ने किसी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। वह चुपचाप कोर्ट के अंदर चला गया। कोर्ट परिसर में भी 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। इनमें महिला पुलिसकर्मी, पीएसी, तीन एसीपी और बिहार पुलिस के कमांडो शामिल थे। 14 दिन की न्यायिक हिरासत, अब रिमांड पर नजर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी मयंक कुमार के कोर्ट में अरमान को पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। सरकारी वकील मनोज पांडेय के मुताबिक, कोर्ट में अरमान को आरोपों से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। कोर्ट ने उससे पूछा कि क्या उसे वकील चाहिए। अरमान ने इस पर अपनी सहमति जताई। इसके बाद निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के लिए उससे आवेदन लिया गया। अब अगली तारीख 14 दिन बाद की लगी है। इस बीच प्रयागराज पुलिस अरमान की रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन कर सकती है। 5 लाख का इनामी है अरमान अरमान उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख रुपए का इनामी आरोपी है। पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी, लेकिन वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद था। यूपी पुलिस को जब उसके जेल में बंद होने की जानकारी मिली तो अरमान तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। ट्रांजिट रिमांड के जरिए उसे प्रयागराज ले जाया गया। अब इस हत्याकांड में उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी भी दर्ज हो चुकी है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उससे हत्याकांड की पूरी कड़ी को लेकर पूछताछ कर सकती है। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि वारदात में उसकी क्या भूमिका थी। वारदात के बाद वह गयाजी कैसे पहुंचा। किन लोगों ने उसकी मदद की। साथ ही फरार आरोपियों के बारे में उसे क्या जानकारी है।
परिवार को एनकाउंटर का डर अरमान के यूपी ले जाए जाने के बाद उसके परिवार ने एनकाउंटर की आशंका जताई थी। उसके पिता शमीम और मां असगरी खातून को बेटे की सुरक्षा की चिंता थी। वे काफी डरे सहमे थे। लेकिन सोमवार की शाम जब उन्हें मालूम हुआ कि अरमान को गयाजी सेंट्रल जेल वापस लाया जा रहा है तो राहत की सांस ली। अरमान के पिता ने गयाजी कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अरमान को यूपी पुलिस के हवाले नहीं करने की मांग की थी। अब प्रयागराज कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद अरमान को वापस गयाजी सेंट्रल जेल लाया गया है। हालांकि, आगे की तस्वीर प्रयागराज पुलिस की रिमांड अर्जी और कोर्ट के फैसले के बाद साफ होगी।



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