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मथुरा में 12 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में मथुरा की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-4 अनुराग शर्मा ने प्रेम-प्रसंग और कोर्ट मैरिज से उपजी रंजिश में घर में घुसकर महिला की हत्या करने के मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषियों पर 3 लाख 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जेल वारंट के जरिए जिला कारागार मथुरा भेज दिया गया। जून 2014 को हुई थी वारदात घटना 15 जून 2014 को थाना कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीनगर में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुख्य अभियुक्त रामगोपाल की बेटी याचना ने विजयपाल सिंह के पुत्र अभिषेक यादव से प्रेम विवाह कर लिया था। इसी बात से नाराज रामगोपाल और उसका परिवार लंबे समय से रंजिश रखे हुए था। घटना वाले दिन रामगोपाल अपने बेटों लोकेश, विकास, चन्द्रशेखर उर्फ चन्दू, अर्जुन तथा सहयोगी राजू उर्फ राजेन्द्र के साथ अवैध हथियारों से लैस होकर विजयपाल के घर पहुंचा और हमला बोल दिया। बेटी की सास की गोली लगने से हुई थी मौत आरोपियों ने घर में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली विजयपाल सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी (45) के चेहरे पर लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी निशाने पर थे, लेकिन उनका पुत्र देवेन्द्र सिंह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद पुलिस ने हत्या, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 9 गवाहों की हुई गवाही मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के बयान कराए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौके से बरामद 32 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। ADGC कृष्ण कांत पाठक ने बताया जुर्माने की राशि में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।
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प्रेम विवाह की रंजिश में महिला की हत्या:12 साल बाद मथुरा कोर्ट ने सुनाया फैसला, 6 दोषियों को हुई उम्रकैद की सजा
