रथयात्रा के लिए कुंभकोणम से बनकर आई भगवान की पोशाक:शाम को रथ में विराजित होकर प्रभु निकलेंगे नगर भ्रमण पर, रथयात्रा में उमड़ेंगे भक्त




इंदौर के पावनसिद्ध धाम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में श्रीब्रह्मोत्सव और रथयात्रा महोत्सव चल रहा है। बुधवार को मंदिर में भव्य पुष्प बंगला सजाया गया, जो काफी मनमोहक था। इस महोत्सव में बड़ी संख्या में भक्त भाग लगे रहे हैं। गुरुवार को मंदिर परिसर से पारंपरिक रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे। मंदिर के प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया कि रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी जा चुकी है। रथयात्रा के लिए कुंभकोणम से प्रभु के पोशाक बनकर आई है। गौरवशाली रथयात्रा आज शाम को गुरुवार को श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान से शाम को गौरवशाली रथयात्रा निकाली जाएगी। मंदिर प्रबंधन का दावा है कि यह देश की तीसरी बड़ी और मध्यप्रदेश की पहली बड़ी परंपरागत रथयात्रा है, जो परंपरागत रूप से निकलती आ रही है। कई सालों से यह परंपरा जारी है। रथयात्रा में प्रभु वेंकटेश अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर में पूरे ला‌व-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। ये है रथयात्रा का मार्ग रथयात्रा संयोजक पवन व्यास, रजत बेड़िया, रंगेश बियाणी ने बताया कि रथयात्रा छत्रीबाग से शुरू होकर सिलावटपुरा चौराहा, नरसिंह बाजार चौराहा, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा, शक्कर बाजार, बड़ा सराफा, पीपली बाजार, बर्तन बाजार, बजाज खाना चौक, साठा बाजार से वापस मंदिर पर आकर समाप्त होगी। इस रथयात्रा के रास्ते में करीब 500 जगह पर मंचों के माध्यम से रथयात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा कर किया जाएगा। साथ ही कई जगह प्रसाद वितरण भी होगा। यात्रा में 250 कार्यकर्ता एक ही तरह के कुर्ते वाली ड्रेस में यात्रा की व्यवस्था संभालेंगे, जिससे की यात्रा में कोई असुविधा नहीं हो। वाट्सअप पर व ग्रीन-रेड लाइट लगातार जानकारी अपडेट कर व्यवस्था को संभालेंगे। रथयात्रा में ये रहेगा खास आकर्षण यात्रा में कई खास आकर्षण के केंद्र भी रहेंगे। यात्रा झांकी में प्रभु वेंकटेश क्षीरसागर में, हनुमंत लाल, पुष्प में रामानुज स्वामीजी के दर्शन, जगन्नाथ प्रभे के साथ, गोमाता बचाओ आदि रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सभी झांकियों के माध्यम से एक अच्छा मैसेज शहर की जनता को मिले। इसके अलावा नासिक से आए 80 युवक-युवतियों का समूह का बैंड पूरे रास्ते पर 6-7 घंटे तक विशेष प्रस्तुति देते हुए चलेगा। इसमें बड़े-बड़े ढोल, वाद्य और ध्वज होंगे। रामानुज स्वामी द्वारा दिए गए संदेशों की झलक रथयात्रा में कमल के फूल पर विराजमान रामानुज स्वामीजी की झांकियां सभी भक्तों को रामानुज संप्रदाय के सिद्धांत और उनके द्वारा किए गए कामों, गुरु के प्रति समर्पण का वर्णन का दर्शन देगी। शहर के प्रसिद्ध बैंड-बाजों के साथ 21 घोड़ों पर भगवा धार्मिक ध्वज पताका लिए युवा संवार होंगे। बच्चे भी विभिन्न स्वरूपों में तैयार होकर बग्गी में सवार होकर चलेंगे। ठाकुरजी की सवारी के वाहन के रूप में गरुड़ वाहन, अश्व वाहन, गज वाहन, मंगलगिरी होंगे। इन वाहनों पर ठाकुरजी के चित्र विराजित होंगे। इसके अलावा देशभर से इंदौर आए संतगण 21 बग्गियों में आसीन होंगे। भजन गायकों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। जिस पर भक्तगण थिरकते हुए रथयात्रा में शामिल होंगे। भक्तों को आशीर्वाद देते हुए चलेंगे रथयात्रा में अनंतश्रीविभूषित श्रीमद्जगदगुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापिठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाजार भक्तों को आशीर्वाद देते हुए रथयात्रा मार्ग में भक्तों के विशाल समूह के बीच छत्र, चवर के साथ पूरे लाव-लश्कर के साथ पैदल चलेंगे और भक्तों द्वारा गुरुदेव के चरणों में पूजन किया जाएगा। सफाई करते हुए चलेंगे महिला भक्त रथयात्रा में महिला भक्तजन अपने हाथों से लगभग 50 झाड़ू से प्रभु के आगमन के लिए रथ के आगे यात्रा मार्ग पर सफाई करते हुए चलेंगी। दिव्य चांदी के रथ में प्रभु वेंकटेश विराजमान होकर हजारों भक्तों को दर्शन देने रथारूढ़ होकर निकलेंगे। गोविंदा-गोविंदा के नाम को स्मरण करते हुए भक्त अपने हाथों से प्रभु का रथ खीचेंगे।



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