फरार हत्यारोपी के घर की कुर्की-जब्ती:मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दरवाजे-खिड़की तोड़े, प्रेम-प्रसंग में हुआ था मर्डर




समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हत्या मामले में पुलिस ने फरार आरोपी अजीत पासवान के घर की रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कुर्की-जब्ती की गई। इस दौरान पुलिस ने घर के दरवाजे, खिड़की और चौखट तोड़कर अंदर रखे सामान को जब्त कर लिए। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है, क्योंकि हत्या के मामले में कई आरोपी अभी भी फरार हैं। धमकी के बाद हुआ था मर्डर मामला हसनपुर जितवारपुर वार्ड संख्या-15 में गांव का है। जहां प्रेम-प्रसंग में सतीश कुमार उर्फ जस्सी की हत्या हुई थी। मृतक के भाई सौरभ कुमार सुमन ने 8 फरवरी को मुफस्सिल थाने में लिखित आवेदन देकर घटना की जानकारी दी थी। आवेदन के अनुसार, प्रेम-प्रसंग को लेकर सतीश कुमार उर्फ जस्सी के साथ पहले भी मारपीट की गई थी और उसे जान से मारने की धमकी मिली थी। आरोप है कि घटना वाले दिन कुछ लोग सतीश के घर में घुसे और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने सतीश के गले में रस्सी डालकर दोनों तरफ से खींचा। उसे बचाने आए परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद सतीश को गंभीर हालत में इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। तीन आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल

मुफस्सिल पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में सविता देवी उर्फ सकीना, ब्यूटी पासवान और ऋतिक कुमार को गिरफ्तार कर पूर्व में जेल भेज दिया था।
वहीं, मामले में नामजद अन्य आरोपियों के फरार रहने के कारण पुलिस ने न्यायालय से कुर्की-जब्ती का आदेश प्राप्त किया। आदेश मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फरार आरोपियों के घरों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई।

आरोपी का आपराधिक इतिहास
मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले के आरोपी अजीत कुमार पासवान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस के अनुसार, अजीत पासवान के खिलाफ अलग-अलग वर्षों में कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, चोरी, शराबबंदी कानून, हत्या, आर्म्स एक्ट और अपहरण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजीत पासवान के खिलाफ नगर थाना समस्तीपुर में भी कई मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के साक्ष्य मिटाने, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में मामले शामिल बताए गए हैं।



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