![]()
फर्रुखाबाद में आलू किसानों ने सोमवार को दोपहर 12 बजे आंदोलन शुरू किया। एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी होने के बावजूद किसानों को इस बार आलू का सही दाम नहीं मिल रहा है। लागत भी नहीं निकल पा रही है। इसी को लेकर किसानों ने मंडी समिति में’आलू किसान बचाओ आंदोलन’के तहत जनसभा की।इसके बाद रैली भी निकाली गई।किसान आलू की माला पहनकर जनसभा में पहुंचे थे। जनसभा और रैली का आयोजन किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में किया गया। मंडी समिति में हुई जनसभा में आलू किसानों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इसमें दूसरे जिलों से भी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे थे। ज्ञापन में बताया कि पिछले दो साल से आलू के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। इससे फर्रुखाबाद समेत कई जिलों के किसान बर्बाद हो रहे हैं और गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्ज में डूब गए हैं और उनके सभी काम रुक गए हैं।
किसानों का कहना है कि’अधिक उत्पादन का फॉर्मूला उनके लिए अभिशाप बन गया है। सरकारी खरीद केंद्रों पर भी उनका एक किलो आलू तक नहीं खरीदा गया, जिससे सरकार की योजनाओं पर उनका भरोसा कम हो रहा है। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में सात मुख्य मांगें रखीं।इनमें शीत गृहों में रखे आलू का पूरा भंडारण शुल्क सरकार द्वारा जमा करना,आलू पर तत्काल मंडी टैक्स खत्म करना शामिल है।
इसके अलावा,हाइब्रिड आलू के लिए ₹1000 प्रति क्विंटल और चिप सोना हॉलैंड के लिए ₹1500 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की गई। यदि भाव इससे कम आते हैं, तो सरकार को ‘भाव अंतर योजना’ के तहत किसानों को पैसा देना होगा। अन्य मांगों में देशभर में आलू को रेल से ले जाने पर वर्तमान मंडी संकट तक रेल भाड़ा फ्री करना और आलू किसानों के सभी कर्ज माफ कर उन्हें कर्ज मुक्त करना शामिल है।इस दौरान किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल, प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, महामंत्री शीत ग्रह संघ मनोज रस्तोगी, प्रवीण कटियार मंडल उपाध्यक्ष किसान आंदोलन अरविंद राजपूत जिला अध्यक्ष हर्ष गंगवार व्यापार मंडल से सर्वेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
Source link
फर्रुखाबाद से आलू किसानों का आंदोलन शुरू:लागत न मिलने से नाराज किसानों ने आलू की माला पहन सभा की, ज्ञापन सौंपा
