![]()
भीलवाड़ा के बागोर में एक फाइनेंसर की निर्मम हत्या कर दी गई। वे 7 दिन से लापता थे। रविवार को उनका शव गांव के एक कुएं में मिला, जिसमें उनके हाथ-पैर एक सीमेंट के पोल से बंधे हुए थे, जिससे शव पानी के ऊपर नहीं आ सके। साथ ही मुंह पर भी कपड़ा बांधा गया था। फाइनेंसर 19 जुलाई से लापता था, जिनकी गुमशुदगी रिपोर्ट 22 जुलाई को बागोर थाने में दर्ज करवाई गई थी। बागोर थानाधिकारी बच्छ राज के अनुसार, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस कुएं पर पहुंची और क्रेन की मदद से शोभाराम जैन(72) के शव को बाहर निकाला गया। फिलहाल शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, फाइनेंसर की बेरहमी से हत्या की गई। जैन तीर्थ सिरियारी गए थे दर्शन करने
जानकारी के अनुसार, शोभाराम जैन अपनी पत्नी के साथ बावलास गांव में रहते थे। वे करीब सात दिन पहले अपने कुछ परिचितों के साथ पाली में प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिरियारी गए थे। वहां दर्शन करने के बाद वे घर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वापस लौटकर घर नहीं पहुंचे। काफी तलाश करने के बाद भी जब शोभाराम का कोई सुराग नहीं मिला, तो मुंबई में रहने वाले उनके बेटे भैरूलाल गांव पहुंचे। उन्होंने 22 जुलाई को बागोर थाने में अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद से ही पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे। सीमेंट के पोल से बांधकर कुएं में डाला
आज(रविवार) सुबह मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक कुएं में शव तैरता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में जेसीबी क्रेन की मदद से शव को बाहर निकाला। इस दौरान पता चला कि शोभाराम के हाथ-पैर बांधने के बाद उनके साथ खेत की बाड़बंदी में काम आने वाला सीमेंट का भारी पोल (खंभा) बांध दिया गया था, जिससे शव पानी के ऊपर न आ सके। पैसों के लेन-देन को लेकर हत्या की आशंका
थानाधिकारी का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतक शोभाराम जैन क्षेत्र में लोगों को ब्याज पर रुपए उधार देने का काम करते थे। ऐसे में उधारी के पैसों के तकादे या लेन-देन के विवाद को लेकर उनकी हत्या होने की आशंका है। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है, उसकी रिपोर्ट सहित अन्य सबूतों के आधार पर साजिश का खुलासा हो सकेगा।
Source link
फाइनेंसर की हत्या, हाथ-पैर खंभे से बांधकर कुएं में फेंका:पुलिस ने क्रेन की मदद से निकाला शव; 7 दिन से लापता था
