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JDU विधायक ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण:बांका में टूटी खिड़की देख भड़के’ डॉक्टरों की कमी पर सिविल सर्जन से की बात




बांका के धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का JDU विधायक मनीष कुमार ने शनिवार शाम औचक निरीक्षण किया। विधायक के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, एक्स-रे कक्ष, प्रसूति कक्ष और नेत्र जांच कक्ष का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों से दवा, जांच, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। दरअसल, कुछ दिन पहले सर्पदंश से पिता-पुत्र की मौत का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर यह बात प्रसारित हुई थी कि धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेकवेनम उपलब्ध नहीं रहने के कारण दोनों को रेफर किया गया था। जिससे दोनों की मौत हो गई। एंटी स्नेकवेनम की उपलब्धता की जांच की इसी सूचना को लेकर विधायक औचक निरीक्षण करने अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले एंटी स्नेकवेनम की उपलब्धता की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम उपलब्ध पाया गया। इसके अलावा रजिस्टर की भी जांच की गई, जिसमें एंटीवेनम के उपयोग का रिकॉर्ड दर्ज मिला। निरीक्षण के दौरान नेत्र जांच कक्ष की टूटी खिड़कियां देखकर विधायक नाराज हो गए। उन्होंने मौजूद डॉक्टरों से खिड़की की मरम्मत नहीं होने को लेकर सवाल किया। विधायक ने कहा, “यह टूटा हुआ शीशा 12 रुपये का आता होगा। अगर किसी को नहीं लग रहा है तो हम पॉकेट से पैसा देते हैं।” इस पर मौजूद डॉक्टरों ने जल्द इसे ठीक कराने की बात कही। विधायक ने एक दिन के अंदर टूटी खिड़की को बदलने का निर्देश दिया। सप्पताल में डॉक्टरों की मिली कमी निरीक्षण में अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी सामने आई। बताया गया कि अस्पताल में फिलहाल सिर्फ दो डॉक्टर उपलब्ध हैं। इस पर विधायक ने मौके से ही सिविल सर्जन को फोन कर अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति करने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। विधायक मनीष कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली थी कि सर्पदंश से पिता-पुत्र की मौत हो गई।दुर्भाग्य से यह बताया गया कि धोरैया अस्पताल में एंटी स्नेकवेनम नहीं रहने के कारण उनका इलाज नहीं हो पाया और उनकी मौत हो गई। इसी सूचना को लेकर वह औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले एंटीवेनम की जांच की गई, जिसमें पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध मिली। रजिस्टरों की भी जांच की गई है। निरीक्षण के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेकर अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।



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