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बकानी, पिड़ावा, सुनेल में किसानों का धरना जारी:फसल बीमा योजना की बकाया राशि लिखित आश्वासन के बाद भी नहीं मिलने से आक्रोश




झालावाड़ जिले में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा और सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। लगातार बारिश के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की जगह बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा। विपरीत मौसम के बावजूद किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद, किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन जारी रखे हुए हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 13 से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया था। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया था कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। हालांकि, 15 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को बकाया राशि नहीं मिली है, जिसके कारण उन्होंने यह नया अनिश्चितकालीन धरना फिर से शुरू किया है। 15 दिन बाद भी किसानों को नहीं मिली राशि
15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुप, की बीमा दावा राशि स्वीकृत की थी, इसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुप, से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार की ओर से आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। मुआवजा नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा
भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।



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