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बलौदाबाजार जिले में वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और मांस के कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अर्जुनी वन परिक्षेत्र के ग्राम बिलारी में जंगली सुअर का शिकार कर मांस बेचने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें शिकार और मांस बिक्री से जुड़े दो लोगों के अलावा मांस खरीदने वाले 5 आरोपी भी शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल बलौदाबाजार भेज दिया गया। घर के पास बोरी में मिला जंगली सुअर का मांस वन विभाग को 25 अगस्त की सुबह करीब 11:15 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिलारी निवासी छब्बीलाल सारथी के घर पर जंगली सुअर का मांस बिक्री के लिए रखा गया है। सूचना पर वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। तलाशी के दौरान मकान के पास अजय सारथी को प्लास्टिक बोरी, तराजू, लोहे के कट्टे और लकड़ी के गुटकों के साथ पकड़ा गया। बोरी की जांच करने पर उसमें जंगली सुअर का मांस मिला। मौके से मिली सामग्री का पंचनामा तैयार कर उसे जब्त किया गया। कुत्ते की मदद से शिकार का दावा पूछताछ में अजय ने बताया कि उसके चाचा छब्बीलाल सारथी ने कोनी-बेंचा डैम के पास पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर मांस काटकर उसे बेच दिया। जांच के दौरान वन विभाग ने उन 5 अन्य लोगों की पहचान की, जिन्होंने मांस खरीदा था। सभी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस सभी 7 आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत P.O.R. क्रमांक 16428/25 दर्ज किया गया है। मामले में अधिनियम की धारा 9, 39, 44, 48(क), 50 और 51 के तहत कार्रवाई की गई है। 26 अगस्त को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड में जिला जेल बलौदाबाजार भेज दिया गया। वनमंडलाधिकारी पंकज कुमार कमल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में अर्जुनी परिक्षेत्र अधिकारी पार्थ शर्मा समेत वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। विभाग ने वन्यजीव अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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बलौदाबाजार में जंगली सुअर का शिकार कर मांस बेचा:वन विभाग की कार्रवाई, 7 गिरफ्तार, खरीदने वाले 5 लोग भी पकड़े गए
