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बहादुरगढ़ में हरियाणा सरकार की स्वामित्व योजना के तहत पात्र होने के बावजूद नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 किराएदार दुकानदारों को अब तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से नगर परिषद को नियमित रूप से दुकानों का किराया देते आ रहे हैं, लेकिन जब मालिकाना हक देने की बात आती है तो नगर परिषद जमीन की मलकियत शिक्षा विभाग की बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक फरियाद लगाई। सीएम विंडो पर भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग पर डाल दी गई। इससे दुकानदारों में रोष है। योजना के तहत मिलना था मालिकाना हक दुकानदारों के मुताबिक वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य 20 वर्ष या उससे अधिक समय से सरकारी जमीन पर किराएदार के रूप में दुकान चला रहे पात्र दुकानदारों को निर्धारित कलेक्टर रेट के आधार पर मालिकाना हक देना था। बहादुरगढ़ में रेलवे रोड सहित शहर के कई हिस्सों में नगर परिषद के किराएदार दुकानदारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। लेकिन नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 दुकानदार अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब वे योजना के तहत अपनी पात्रता के आधार पर मालिकाना हक मांगते हैं तो नगर परिषद की ओर से कहा जाता है कि दुकानों की जमीन परिषद की नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की है। 25-30 साल किराया लिया, अब मलकियत पर सवाल दुकानदारों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की थी तो इतने वर्षों तक नगर परिषद ने दुकानदारों से किराया किस आधार पर वसूला? दुकानदारों के अनुसार वर्षों से किराया लेने वाली नगर परिषद अब मलकियत का सवाल उठाकर उन्हें योजना का लाभ देने से पीछे हट रही है। दुकानदारों का कहना है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की है तो नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी, ताकि पात्र दुकानदारों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके। उनका आरोप है कि न तो शिक्षा विभाग की ओर से एनओसी दी गई और न ही नगर परिषद ने इसे हासिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए। सीएम विंडो पर भी नहीं निकला समाधान दुकानदारों ने अधिकारियों से निराश होकर सीएम विंडो पर शिकायतें दर्ज कराईं। उनका कहना है कि शिकायतों पर भी उन्हें समाधान देने के बजाय अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी बताई जाती रही। दुकानदारों के अनुसार पूरा मामला ऐसा हो गया है जैसे समस्या की गेंद एक विभाग से दूसरे विभाग के पाले में डाल दी गई हो, जबकि वे वर्षों से अपनी दुकान पर कारोबार करते हुए किराया भी जमा कराते रहे हैं। दुकानदारों की मांग- एनओसी लेकर जल्द मिले मालिकाना हक दुकानदारों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी दिलवाई जाए और स्वामित्व योजना के तहत पात्र सभी दुकानदारों को मालिकाना हक दिया जाए। दुकानदारों का कहना है कि वे योजना की पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं। ऐसे में केवल विभागीय पेच के कारण उन्हें उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मामले में जल्द निर्णय लेकर वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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बहादुरगढ़ 90 दुकानदारों को नहीं मिला स्वामित्व योजना का लाभ:25-30 साल से नगर परिषद को दे रहे किराया, अब परिषद बोली- जमीन शिक्षा विभाग की; सीएम तक गुहार के बाद भी सिर्फ आश्वासन
