![]()
कोसी और बरनडी नदी का जलस्तर बढ़ने से कटिहार जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इसका असर अब बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बरारी प्रखंड के प्रतापगंज बांध किनारे स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रतापगंज चारों तरफ से बरनडी नदी के पानी से घिरा हुआ है। विद्यालय तक पहुंचने के रास्ते में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण बच्चों के लिए स्कूल जाने का एकमात्र सहारा नाव रह गया है। छात्र-छात्राएं रोजाना नाव पर सवार होकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। पानी के तेज बहाव और नाव से आवागमन को लेकर बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों में भी डर बना रहता है। नाविक को हर रोज दिया जाता है 500 रुपए विद्यालय के शिक्षक अब्दुल बारिक ने बताया कि बाढ़ का पानी फैलने के बाद स्कूल आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है। सरकारी स्तर पर नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है, इसलिए निजी नाव की व्यवस्था की गई है। नाविक को प्रतिदिन 500 रुपए का भुगतान किया जाता है। उनके अनुसार, प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चे नाव के जरिए नदी पार कर विद्यालय पहुंचते हैं। नाविक आवेद अली ने बताया कि वह अपनी निजी नाव से बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने का काम करते हैं। प्रतिदिन करीब 150 से 200 बच्चे नाव से स्कूल पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी में नाव चलाने के दौरान डर तो रहता है, लेकिन बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने और वापस लाने का प्रयास किया जाता है। बच्चों को नाव से स्कूल भेजने में लगता है डर इधर, अभिभावक अंजलि देवी ने बताया कि बच्चों को नाव पर स्कूल भेजने में हमेशा डर बना रहता है। हाल ही में डूबने की घटना में एक बच्चे की मौत भी हुई है। ऐसे में अभिभावक चाहते हैं कि सरकार की ओर से यहां पुल का निर्माण कराया जाए। मामले की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल चंद्र चौधरी ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी निकल नहीं जाता, तब तक स्कूल को अनारकली विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा।
Source link
बाढ़ के बीच नाव से स्कूल जा रहे बच्चे:कटिहार में नाविक को हर रोज दिया जाता है 500 रुपए, अब दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के आदेश
