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बारां जिला अस्पताल में 5 आधुनिक सुविधाएं शुरू:ऑडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति से कान-स्पीच जांच की मिलेगी सुविधा




बारां जिले के मरीजों को अब कान और वाणी से संबंधित जांचों के लिए कोटा या अन्य बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। जिला अस्पताल में ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद अत्याधुनिक जांच एवं उपचार सेवाएं शुरू की जा रही हैं। पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में जिला अस्पताल में ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट के पद पर उत्सव गुर्जर की नियुक्ति की है। इस नियुक्ति के साथ ही सुनने और बोलने से जुड़ी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए श्रवण जांच भी मिल सकेगी
इन सेवाओं के लिए अस्पताल में एक विशेष कक्ष तैयार किया जा रहा है, जहां मशीनें और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। यह सुविधा श्रवण दिव्यांगजनों के लिए भी बड़ी राहत लाएगी, क्योंकि अब उन्हें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए आवश्यक श्रवण जांच यहीं मिल सकेगी। इससे मरीजों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेगा। मरीजों को 5​ विशेष सुविधाएं भी मिलेगी
ईएनटी विभाग के कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पवन मीणा ने बताया कि अस्पताल में 5 महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इनमें प्योर टोन ऑडियोमेट्री (पीटीए), इम्पीडेंस ऑडियोमेट्री, ओटोअकॉस्टिक एमिशन (ओएइ), ब्रेनस्टेम इवोक्ड रिस्पॉन्स ऑडियोमेट्री (बेरा) और स्पीच एंड लैंग्वेज असेसमेंट एंड मैनेजमेंट शामिल हैं। इन जांचों से कम सुनाई देना, कान के पर्दे की खराबी, श्रवण तंत्रिका की समस्या, नवजात शिशुओं में जन्मजात श्रवण दोष तथा बोलने और भाषा विकास से जुड़ी समस्याओं का सटीक निदान और उपचार संभव होगा। स्पीच थैरेपी का भी मिल सकेगा फायदा
नई सुविधाओं का सबसे बड़ा फायदा नवजात बच्चों, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और श्रवण दिव्यांगजनों को मिलेगा। नवजात शिशुओं में जन्म के बाद ही सुनने की क्षमता की जांच कर श्रवण दोष की समय रहते पहचान की जा सकेगी। वहीं बच्चों में बोलने में देरी या भाषा विकास की समस्या होने पर शुरुआती अवस्था में ही थेरेपी शुरू की जा सकेगी, जिससे बेहतर परिणाम मिलेंगे।



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