भास्कर न्यूज | लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में कोयला ढुलाई से फैल रहे धूल-कण और वायु प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज की है। उपायुक्त संदीप कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि कोयला वाहनों के परिचालन से उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है, इसलिए सख्त निगरानी और अनुपालन जरूरी है। निर्देश में कहा गया है कि कोयला परिवहन के दौरान धूल रोकने के लिए केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उपायुक्त ने लातेहार एसडीओ दिनेश कुमार को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाने को कहा है। बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही पर कार्रवाई होगी। सड़क सुरक्षा और जान-माल की सुरक्षा से जुड़े उपायों पर भी ध्यान देने को कहा गया है। सड़कों पर जमी कोयले की धूल हटाने के लिए टिपर, ट्रॉली, ऑटोमेटिक स्वीपिंग मशीन, वाटर स्प्रिंकलर और एंटी-फॉगिंग मशीन के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। सफाई मित्रों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। घरों से कचरा उठाव और उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह के लिए समिति या एनजीओ के गठन की दिशा में भी कार्रवाई करने के निर्देश हैं। संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। शुक्रवार को धूल प्रदूषण से परेशान स्थानीय व्यवसायियों ने दुकानें बंद कर विरोध जताया था। इलाके में सड़कें काली पड़ने और बीमारियों का खतरा बढ़ने की शिकायतें सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि नए निर्देशों के बाद कोयला ढुलाई से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित कार्रवाई की जाएगी।
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बालूमाथ में कोयला ढुलाई से धूल प्रदूषण पर सख्ती
