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बूंदी में नाम वापसी के अंतिम दिन चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। 39 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद अब कुल 211 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। इनमें कांग्रेस और भाजपा के 60-60 उम्मीदवार हैं, जबकि 91 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। नाम वापसी के दौरान भाजपा खेमे में ज्यादा हलचल देखी गई। पार्टी के बड़े नेता अंतिम समय तक बागी उम्मीदवारों को मनाने में जुटे रहे। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्रसिंह हाड़ा के बेटे ओमेंद्रसिंह हाड़ा और जिलाध्यक्ष रामेश्वर सुमन के बेटे दिवाकर मीणा समेत कई भाजपा प्रत्याशियों को अब चुनाव चिन्ह दिए जाएंगे। 9 को होगा मतदान
इन चुनावों के लिए 9 सितंबर को मतदान होगा। इसके बाद 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी, जिससे शहर की नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी। सबसे ज्यादा उम्मीदवार वार्ड 16 में हैं, जहां 8 प्रत्याशी मैदान में हैं। वार्ड 55 में 7 और वार्ड 18 में 6 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। आखिरी 1 घंटे में बदला पासा, 21 ने वापस लिए पर्चे
नामांकन वापसी की समय सीमा गुरूवार दोपहर 3 बजे तक तय थी। सुबह 11 बजे प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन दोपहर 12:30 बजे तक केवल 2 दावेदारों ने ही फॉर्म वापस लिए थे। कार्यालय में सन्नाटा पसरा था और बागी मैदान छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे थे। 2 बजते ही अचानक माहौल में गरमाहट आई। महज 60 मिनट के भीतर 21 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने समझाइश कर वार्ड 2 से निर्दलीयों को नाम वापस लेने के लिए कलेक्ट्रेट बुला लिया। वह नामांकन की रसीद लाना भूल गए। इसके बाद आनन-फानन में रसीद मंगाई गई और 3 बजने में महज 10 मिनट पहले ऐन वक्त पर प्रक्रिया पूरी हुई। पर्चा वापस लेने वालों में सबसे ज्यादा संख्या सत्ताधारी भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं की रही।
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बूंदी में अब 211 दावेदार चुनावी मैदान में:19 वार्डों में त्रिकोणीय, 14 में सीधा मुकाबला; 60 वार्डों में 91 निर्दलीय लड़ रहे इलेक्शन
