![]()
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक परगट सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष दिए गए आश्वासनों के बावजूद राज्य सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून में जरूरी संशोधन करने में विफल रही है। परगट सिंह का कहना है कि आप सरकार और भाजपा मिलकर सिख समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर वादाखिलाफी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछली 29 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहब ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पूर्व मंत्री डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर सहित सभी मंत्रियों और विधायकों को बुलाया था। उस दौरान सभी ने हाथ खड़े करके और अरदास करके एक महीने के भीतर सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने का वादा किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि सर्वदलीय बैठक, सिख बुद्धिजीवियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को साथ लेकर कानून में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। हालांकि, सरकार अपने इस वादे से पूरी तरह मुकर गई है और एक महीने के भीतर न तो कोई बैठक बुलाई गई और न ही SGPC या किसी अन्य संस्था को विश्वास में लिया गया। सत्र की तारीख टालने और अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का मुद्दा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पहले विधानसभा का सत्र 24 तारीख को रखा गया था, लेकिन बाद में इसे 3 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हर वह हथकंडा अपनाना चाहती है, जिससे श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में जत्थेदार साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पर चिंता जताई थी। सरकार की ओर से जो पत्र मिला है, उसमें मुख्य मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। 2015 से 2022 की जांचों का दिया हवाला परगट सिंह ने 2015 के बेअदबी मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से 2022 के दौरान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो जांचें हुईं, वे तार्किक अंजाम तक पहुंचने के बेहद करीब थीं। उन्होंने कहा कि 2023 में लाया गया नया कानून सिख समुदाय के खिलाफ एक गहरी साजिश का हिस्सा है। भाजपा और आप की मिलीभगत का लगाया आरोप परगट सिंह ने दावा किया कि बेअदबी के मामलों में दोषियों को बचाने के पीछे असली ‘मास्टरमाइंड’ भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, तब कानून के प्रारूप को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि 2018 में पास कर भेजा गया कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और देश के कानूनी मापदंडों के हिसाब से पूरी तरह से सही था। इसके बावजूद, भाजपा और आप सरकार ने मिलकर उस कानून को अटका दिया और विधानसभा में गलत तथ्य पेश किए।
Source link
बेअदबी कानून पर MLA परगट सिंह हमलावर:आप-भाजपा पर सिख समाज से वादाखिलाफी का आरोप; कहा-वादे से पलटी पंजाब सरकार
