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वाराणसी के भोजूबीर में 14 साल पहले बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या में आरोपी पूर्व सांसद और उसके बेटे के खिलाफ दर्ज केस में आज सुनवाई होगी। कोर्ट ने हिस्ट्रीशीट पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल को तलब किया है। इससे पहले हत्याकांड के मुख्य गवाह उनके चचेरे भाई संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने जिला जेल में बंद बदमाश फहीम अंसारी उर्फ रिंकू की शिनाख्त कर ली थी। इसके साथ फहीम सहित दो बदमाशों के घर की तस्दीक की। कोर्ट में समन पर तलब गवाह हमलावरों का हुलिया और पहचान बताएगा। इसके साथ ही अभियोजन और बचाव पक्ष जिरह करेगा। गवाही के साथ ही केस का ट्रायल अब रफ्तार पकड़ेगा और चंदौली के पूर्व सांसद की मुश्किलें बढ़ेंगी।
शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अवनीश गौतम की अदालत में पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और उनके बेटे गौरव जायसवाल के खिलाफ सुनवाई की तैयारी है। कोर्ट में एडीजीसी विनय कुमार सिंह की ओर से गवाह गुड्डू जायसवाल को मुख्य गवाह बनाया गया है। वादी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस गवाह से जिरह करेंगे। पिछली गवाही में संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने कोर्ट को बताया था कि वह पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल की एक मामले में पैरवी कर रहा था। उस मामले में जमानत अर्जी सत्र अदालत से खारिज हो गई, इस पर पूर्व सांसद जवाहर और उसका पुत्र गौरव कमजोर व लचर पैरवी करने का आरोप लगते हुए उनसे रंजिश रखने लगे। साथ ही, एक सप्ताह में हत्या कराने की धमकी दी। बदमाश फहीम अंसारी उर्फ रिंकू अपने साथियों के साथ धमकी देने आया था। बता दें कि जनवरी 2019 में चंदौली से सपा के पूर्व सांसद और 25 हजार के इनामी जवाहर जायसवाल को एसटीएफ ने मध्य प्रदेश के दमोह से गिरफ्तार किया था। गुड्डू को मारने आए थे महेश पर चलाई गोलियां गवाह गुड्डू के अनुसार मैं और मेरे भाई हमशक्ल थे और इसी धोखे में हमलावरों ने मेरी जगह उनकी हत्या कर दी। 23 अप्रैल 2012 को वह अपने घर पर ही थे, चचेरे भाई बैंककर्मी महेश जायसवाल स्कूटी से अर्दली बाजार गए थे। भोजूबीर में हमलावरों ने गोली मारकर महेश की हत्या कर दी। संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने कहा कि महेश की हत्या गलतफहमी में की गई। कारण कि उनकी और उनके भाई महेश की शक्ल एक-दूसरे से मिलती-जुलती थी। संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने कहा कि पहले मिली धमकी के कारण उन्हें विश्वास हो गया कि उनके भाई महेश की हत्या जवाहर और उसके पुत्र गौरव ने भाड़े के शूटरों से कराई है। बता दें कि आरोपी जवाहर जायसवाल चंदौली से पूर्व सांसद रहे हैं।। पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके दो आरोपी फौजदारी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने बताया कि पुलिस की विवेचना के दौरान महेश की हत्या में रोहित सिंह उर्फ सनी, रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू, हैदर, फहीम अंसारी उर्फ रिंकू, अजय उर्फ विजय सिंह, रामानंद तिवारी, आनंद पांडेय, अमीरचंद पटेल, सोनू सोनकर, गौरव जायसवाल और जवाहर जायसवाल का नाम प्रकाश में आया। इनमें से रोहित सिंह उर्फ सोनू और रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। हैदर की सोनभद्र जिले के चोपन क्षेत्र के जवारीडाड़ गांव के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई। फहीम जिला जेल में और अजय उर्फ विजय सिंह सहारनपुर जेल में बंद है। शेष अन्य आरोपी जमानत पर बाहर हैं। दो बार हाईकोर्ट जाने पर आरोपी बनाए गए पिता-पुत्र संत प्रसाद ने बताया कि हत्या के इस मुकदमे के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। समाजवादी पार्टी की सरकार होने के कारण पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई ही करती थी। पुलिस की विवेचना सही से न होते देख वर्ष 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि एसएसपी की निगरानी में विवेचना कराई जाए, लेकिन, आदेश का अनुपालन सही तरीके से नहीं हुआ। वर्ष 2018 में पुन: इलाहाबाद हाईकोर्ट में निष्पक्ष विवेचना की गुहार लगाई गई। हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसएसपी को तलब कर निष्पक्ष विवेचना का आदेश दिया। इसके बाद जाकर जवाहर और गौरव का नाम मुकदमे में बतौर आरोपी शामिल हुआ। जवाहर और गौरव वर्ष 2019 में गए थे जेल बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या की आपराधिक साजिश रचने के आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस ने जवाहर जायसवाल और उसके बेटे गौरव की तलाश शुरू की तो दोनों भूमिगत हो गए थे। इसी मामले में 25 हजार के इनामी घोषित किए गया था। जवाहर जायसवाल को जनवरी 2019 में एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने मध्य प्रदेश के दमोह से गिरफ्तार किया था। वहीं, गौरव जायसवाल ने कोर्ट में समर्पण किया था। बाद में बाप-बेटे को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली और वह रिहा कर दिया गया।
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बैंककर्मी हत्याकांड में हिस्ट्रीशीट पूर्व-सांसद जवाहर जायसवाल तलब:वाराणसी MPMLA कोर्ट ने बेटे समेत बुलाया, हमलावरों का हुलिया-पहचान बताएंगे गवाह
