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बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने शनिवार को इस प्रकरण में गौ रक्षा दल से जुड़े रहे एक युवक को भी आरोपी बनाया है। उस पर गौवंश से भरे वाहनों को सीमा पार कराने में सहयोग करने का आरोप है। यह मामला 31 जुलाई की देर रात का है, जब बिजादेही थाना पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस ने दो पिकअप और एक टवेरा वाहन जब्त कर 10 गौवंश को सुरक्षित बरामद किया था। इस मामले में बाबई निवासी एक आरोपी सफील खान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में गौवंश से भरे वाहनों को कथित तौर पर सीमा पार कराने में सहयोग करने के आरोप में हर्षित सोनी को भी आरोपी बनाया गया है। स्वयं को गौ रक्षा दल का जिलाध्यक्ष बताने वाले हर्षित सोनी ने खुद को बेगुनाह बताया है। उन्होंने दावा किया है कि राष्ट्रीय हिन्दू सेना के नेताओं के दबाव में उनका नाम एफआईआर में शामिल कराया गया है। वहीं, राष्ट्रीय हिन्दू सेना ने हर्षित सोनी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दोहराया है कि हर्षित सोनी गौ तस्करों की मदद कर रहे थे। हर्षित सोनी ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। गौवंश महाराष्ट्र ले जाने की सूचना थी
उन्होंने बताया कि उन्हें चिचोली के रास्ते चिरापाटला होते हुए महाराष्ट्र गौवंश ले जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर हर्षित अपने साथियों के साथ चुनाहजूरी जोड़ पहुंचे। इसी दौरान संदिग्ध वाहन वहां से निकले और कुछ देर बाद यू-टर्न लेकर वापस लौट गए। हर्षित के अनुसार, जब वे आगे बढ़े तो वहां राष्ट्रीय हिन्दू सेना के सदस्य वाहनों को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। हर्षित का कहना है कि उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से कार्रवाई में सहयोग की बात कही, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय हिन्दू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय को फोन किया। हर्षित का आरोप है कि दीपक मालवीय ने उनसे कहा, “तुम गाड़ी पकड़ने आए हो या गाड़ी निकालने आए हो।” उन्होंने बताया कि दूसरी टीम की संख्या अधिक होने के कारण वह वहां से वापस लौट आए। कई बार गौ तस्करी के वाहन पकड़वा चुके
हर्षित सोनी का आरोप है कि अगले दिन वाहन पकड़े जाने के बाद आरोपी के साथ मारपीट कर दबाव में उनका नाम बुलवाया गया और उसी आधार पर एफआईआर में उन्हें आरोपी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई बार गौ तस्करी के वाहन पकड़वा चुके हैं और यदि उन पर लगाए गए आरोप सही हैं तो पुलिस निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए। राष्ट्रीय हिन्दू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने हर्षित सोनी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी टीम ने दो गौवंश से भरे वाहन पकड़े थे और उनके आगे एक बोलेरो वाहन रेकी कर रहा था। जब बोलेरो को रोकने का प्रयास किया गया तो वह नहीं रुका। उन्होंने दावा किया कि पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने हर्षित सोनी का नाम लिया और बताया कि वही भौंरा से चिरापाटला तक गौवंश से भरे वाहनों को निकलवाने का काम करता है। दीपक मालवीय ने यह भी कहा कि इसी वजह से हर्षित सोनी को पहले ही गौ रक्षा दल से मुक्त कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग
गौ तस्करी के मामले में एक ओर एफआईआर में हर्षित सोनी को आरोपी बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब पूरे मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि हर्षित सोनी की भूमिका क्या थी और उन पर लगाए गए आरोप कितने सही हैं। नोट काली शर्ट में दीपक मालवीय राष्ट्रीय हिन्दू सेना का प्रदेश अध्यक्ष सफेद शर्ट में हर्षित सोनी आरोपी बनाया गया युवक खुद को गौ रक्षा दल का जिला अध्यक्ष बताता है।
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बैतूल में गौ तस्करी केस में गौरक्षक पर FIR दर्ज:आरोपी ने दूसरे संगठन पर झूठी शिकायत का आरोप लगाया
